भागलपुर नगर निगम ने शहर को जलजमाव की पुरानी समस्या से निजात दिलाने के लिए एक व्यापक योजना पर काम शुरू कर दिया है। नए नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने निर्देश दिया है कि मानसून आने से पहले ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त कर लिया जाए। इस योजना के तहत शहर के कई प्रमुख इलाकों में नए नालों का निर्माण और पुराने नालों की मरम्मत की जाएगी ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बना रहे और निचले इलाके न डूबें।
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इन इलाकों में बनेंगे नए और बड़े नाले
नगर निगम ने जल निकासी के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की पहचान की है जिन पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है। मुख्य ध्यान उन रास्तों पर है जहाँ हर साल जलजमाव की स्थिति गंभीर हो जाती है।
- भागलपुर-हंसडीहा रोड पर गुदहट्टा चौक से अलीगंज तक 3.07 किलोमीटर लंबा नाला बनेगा।
- भागलपुर स्टेशन से चंपापुल तक वार्ड 33, 34 और 16 को कवर करने वाला एक बड़ा नाला तैयार होगा।
- विश्वविद्यालय छात्रावास के पास जलजमाव दूर करने के लिए BUiDCo द्वारा नया पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
- हथिया नाले के जीर्णोद्धार के लिए इंजीनियरों से एक सप्ताह में एस्टीमेट मांगा गया है।
नगर आयुक्त और महापौर ने दिए कड़े निर्देश
शहर के ड्रेनेज सिस्टम को लेकर हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है। काम में देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई है।
| योजना का नाम | अनुमानित लागत | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| मोजाहिदपुर से जरलाही रोड नाला | ₹2.29 करोड़ | निविदा प्रक्रिया जारी |
| वार्ड 10 में निर्माण कार्य | ₹33 लाख | स्वीकृति मिली |
| वार्ड 32 में नाला निर्माण | ₹30 लाख से अधिक | काम शुरू होगा |
नगर आयुक्त ने शहर के सभी 722 छोटे-बड़े नालों के भौतिक सत्यापन का आदेश दिया है। महापौर डॉ. बसुंधरा लाल ने भी नौ निर्माणाधीन इंटीग्रेटेड पंपिंग स्टेशनों को मानसून से पहले चालू करने को कहा है ताकि जनता को राहत मिल सके। इन सभी कदमों का मुख्य उद्देश्य भागलपुर से जलजमाव की नकारात्मक पहचान को पूरी तरह से मिटाना है।






