भागलपुर के बैजानी निवासी डॉ. विश्वनाथ तिवारी ने चिकित्सा और खेल की दुनिया में एक साथ बड़ी उपलब्धि हासिल की है. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में ‘AI’ के इस्तेमाल पर एक लाइव सेशन के जरिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित दुनिया की सबसे कठिन ‘आयरन मैन’ प्रतियोगिता को लगातार चौथी बार जीतकर देश का मान बढ़ाया है. डॉ. तिवारी वर्तमान में नई दिल्ली के उत्तरी रेलवे केंद्रीय अस्पताल में कैंसर सर्जन के पद पर कार्यरत हैं.
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चिकित्सा के क्षेत्र में कैसे बनाया नया विश्व रिकॉर्ड?
डॉ. तिवारी ने यूट्यूब पर ‘AI इन हेल्थकेयर लाइव लेसन’ के दौरान सबसे अधिक दर्शकों की संख्या का नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है. इस वैश्विक कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा किया गया था. इस सत्र का मुख्य उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका और बीमारियों के सटीक इलाज में इसके महत्व को समझाना था.
आयरन मैन प्रतियोगिता में डॉ. तिवारी का अब तक का सफर
डॉ. विश्वनाथ तिवारी ने 29 जून 2025 को फ्रैंकफर्ट में आयोजित यूरोपीय चैंपियनशिप में अपना चौथा आयरन मैन खिताब जीता. उन्होंने इस बेहद कठिन रेस को 14 घंटे 3 मिनट में पूरा किया. इस प्रतियोगिता में एथलीट को बिना रुके 3.86 किलोमीटर तैराकी, 180 किलोमीटर साइकिलिंग और 42.195 किलोमीटर की मैराथन दौड़ पूरी करनी होती है. उनके पिछले खिताबों की जानकारी नीचे दी गई है:
| साल | जगह | समय |
|---|---|---|
| 2022 | कोपेनहेगन, डेनमार्क | 13 घंटे 06 मिनट |
| 2023 | कलमार, स्वीडन | 14 घंटे 33 मिनट |
| 2024 | हैम्बर्ग, जर्मनी | सफल समापन |
| 2025 | फ्रैंकफर्ट, जर्मनी | 14 घंटे 03 मिनट |
अब अल्ट्रामैन ट्रायथलॉन के लिए भारत का करेंगे प्रतिनिधित्व
डॉ. तिवारी अब दुनिया की सबसे कठिन मानी जाने वाली ‘अल्ट्रामैन’ प्रतियोगिता के लिए ट्रेनिंग ले रहे हैं. यह प्रतियोगिता मई में ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में होगी. इस रेस के लिए दुनिया भर से केवल 50 एथलीटों को चुना गया है, जिसमें डॉ. तिवारी भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसमें तीन दिनों के भीतर 10 किलोमीटर तैराकी, 421 किलोमीटर साइकिलिंग और 84 किलोमीटर की दौड़ शामिल होती है. उनकी इस उपलब्धि के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन्हें दिल्ली में सम्मानित भी किया है.






