भागलपुर नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। नगर आयुक्त Kislay Kushwaha के आदेश के अनुसार, 16 फरवरी 2026 से सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथों और नालों से अवैध कब्जा हटाया जाएगा। इस बार प्रशासन किसी भी तरह का पूर्व नोटिस नहीं देगा और सीधे कार्रवाई की जाएगी। निगम का कहना है कि यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था और साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।

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अतिक्रमण हटाने के लिए किन जगहों को किया गया है चिन्हित

नगर निगम की अतिक्रमण शाखा ने शहर के प्रमुख भीड़भाड़ वाले इलाकों की पहचान की है जहां कार्रवाई होनी है। इसमें मुख्य रूप से सार्वजनिक सड़कें, फुटपाथ, नालियां, चौक-चौराहे और सार्वजनिक पार्क शामिल हैं।

  • स्टेशन रोड, खलीफाबाग और तिलकामांझी जैसे रेड स्पॉट पर विशेष नजर रहेगी।
  • सड़कों पर अवैध रूप से खड़े किए गए वाहनों को क्रेन से खींचकर निगम के यार्ड में भेजा जाएगा।
  • उन संपत्तियों की पहचान की जा रही है जहां पार्किंग के लिए बने बेसमेंट का इस्तेमाल दुकान या अन्य व्यावसायिक काम के लिए हो रहा है।
  • पब्लिक ड्रेन और सीवरेज लाइन के ऊपर बने अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया जाएगा।

जुर्माना और अन्य शुल्क की जानकारी

बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत अतिक्रमण को एक कानूनी बाधा माना गया है। उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन ने भारी जुर्माना और शुल्क लगाने की योजना बनाई है।

उल्लंघन का प्रकार जुर्माना / शुल्क
सामान्य अतिक्रमण बाधा 1,000 से 10,000 रुपये
सार्वजनिक स्थान पर थूकना 100 रुपये
प्लास्टिक कचरा जलाना 5,000 रुपये
जब्त सामान का रखरखाव दैनिक स्टोरेज शुल्क
मशीनरी और मजदूरी खर्च अतिक्रमणकारी द्वारा देय

निगम ने शहर में लाउडस्पीकर के जरिए घोषणाएं शुरू कर दी हैं ताकि लोग समय रहते खुद ही अतिक्रमण हटा लें। 16 फरवरी के बाद जो भी सामान या वाहन सड़क पर मिलेगा, उसे जब्त कर लिया जाएगा और उसे छुड़ाने के लिए मालिक को जुर्माना और स्टोरेज फीस दोनों देनी होगी। सभी अधिकारियों को इस आदेश को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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