पूर्वी रेलवे के मालदा डिवीजन ने भागलपुर-गोड्डा रेल लाइन पर यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा तकनीकी काम पूरा किया है। रेलवे ने सांझा हॉल्ट के पास इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) सिस्टम को चालू कर दिया है। यह इस रूट पर अपनी तरह का पहला सिस्टम है जो टिकानी और धौनी स्टेशनों के बीच काम करेगा।

क्या है यह नया सिग्नल सिस्टम?

आमतौर पर दो स्टेशनों के बीच एक बार में एक ही ट्रेन चलती है। जब तक वह ट्रेन अगले स्टेशन नहीं पहुँच जाती, पीछे वाली ट्रेन को रोककर रखना पड़ता है। इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) सिस्टम में दो स्टेशनों की दूरी को दो हिस्सों में बांट दिया जाता है। इससे फ़ायदा यह होता है कि एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनें सुरक्षित दूरी बनाकर चल सकती हैं। रेलवे ने यह काम ट्रेनों की लेटलतीफी कम करने के लिए किया है।

कहां हुआ है यह बदलाव?

यह नया सिस्टम सांझा हॉल्ट पर लगाया गया है जो टिकानी और धौनी स्टेशन के बीच में पड़ता है। यह पूरा इलाका भागलपुर-गोड्डा लूप लाइन का हिस्सा है। मालदा डिवीजन के अधिकारी इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगे हुए थे। नीचे दी गई टेबल में प्रोजेक्ट की जानकारी देखें:

स्थान सांझा हॉल्ट (टिकानी-धौनी के बीच)
रेलवे डिवीजन मालदा डिवीजन, पूर्वी रेलवे
रूट भागलपुर-गोड्डा लूप लाइन
नया काम IBS सिग्नलिंग सिस्टम

आम यात्रियों को क्या होगा फायदा?

इस सिस्टम के चालू होने से लाइन की क्षमता बढ़ जाएगी। अब इस सिंगल लाइन रूट पर पहले से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। सिग्नल के इंतज़ार में ट्रेनों को आउटर या बीच रास्ते में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा। इससे भागलपुर और गोड्डा के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्रियों का समय बचेगा और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

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