भागलपुर रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ पर खास जोर दिया जा रहा है। स्वदेशी रक्षा उत्पादन और आधुनिक तकनीकी अनुसंधान में कई ज्ञानी-विज्ञानी अपना योगदान दे रहे हैं।

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) भागलपुर जैसे संस्थान रक्षा संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ट्रिपलआईटी भागलपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप राज देश की सुरक्षा तकनीक को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

## एआई एक्सेलरेटर: रक्षा क्षेत्र में नई दिशा

डॉ. संदीप राज ने रक्षा क्षेत्र के लिए एक खास AI एक्सेलरेटर विकसित किया है। आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की मदद से रडार-ड्रोन, निगरानी-टोही, लक्ष्य पहचान, सुरक्षित संचार और साइबर सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकेगा। उनका यह प्रयास भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह AI आधारित एम्बेडेड सिस्टम, सिग्नल इमेज प्रोसेसिंग और हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर को डिजाइन करने पर केंद्रित है। इन तकनीकों का उपयोग आधुनिक सैन्य प्रणालियों में व्यापक रूप से किया जा रहा है। AI एक्सेलरेटर रडार-ड्रोन आधारित अनुप्रयोगों में बहुत उपयोगी साबित होगा।

## सेना के लिए संवेदनशील रक्षा अनुप्रयोग

डॉ. संदीप जैसे शिक्षाविद इस क्षेत्र में सेतु का कार्य कर रहे हैं। वे कक्षा में पढ़ाई जाने वाली अवधारणाओं को वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों से जोड़ते हैं और छात्रों को राष्ट्रीय आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील बनाते हैं। छात्रों और शोधकर्ता एफपीजीए आधारित AI मॉडल, लो पावर एम्बेडेड प्लेटफॉर्म और रियल टाइम इंटेलिजेंट सिस्टम पर कार्य कर रहे हैं।

यह अनुसंधान सीधे तौर पर स्वदेशी रक्षा उद्योग की जरूरतों से जुड़ा है, जहां विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करके देश में सुरक्षित और अनुकूलन-योग्य समाधान तैयार करना है। AI एक्सेलरेटर विशेष हार्डवेयर आर्किटेक्चर है जो जटिल AI एल्गोरिदम जैसे डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन और रियल टाइम डेटा एनालिटिक्स को तेज, ऊर्जा-कुशल और विश्वसनीय रूप से करता है। रक्षा क्षेत्र में इसका उपयोग ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों, निगरानी, लक्ष्य पहचान, सुरक्षित संचार और साइबर सुरक्षा में किया जा सकता है।

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