जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। इस रूट पर तीसरी सुरंग और तीसरी-चौथी रेललाइन बिछाने की तैयारी काफी तेज हो गई है। हाल ही में राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने इसका विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाना और रेल ट्रैक पर बढ़ते दबाव को कम करना है। काम पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
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परियोजना की लागत और क्या-क्या होगा बदलाव?
इस बड़ी रेल परियोजना पर लगभग 1094.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इसके तहत करीब 52.81 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन बिछाई जाएगी। भागलपुर से जमालपुर के बीच तीसरी सुरंग के निर्माण के लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। यह नई सुरंग पुरानी सुरंगों के मुकाबले अधिक चौड़ी होगी और इसमें एक साथ दो ट्रैक बिछाने की सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा जमालपुर, किऊल और भागलपुर के बीच सुरक्षा के लिए खास मेटल फेंसिंग भी लगाई जा रही है ताकि तेज रफ्तार ट्रेनों के दौरान कोई हादसा न हो।
जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य से जुड़ी अहम जानकारी
रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि साल 2026 के अंत तक निर्माण कार्य हर हाल में शुरू कर दिया जाए। इसके लिए भागलपुर, नाथनगर, सुल्तानगंज और बरियारपुर जैसे इलाकों में जमीन की पैमाइश का काम किया जा रहा है। परियोजना से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल बजट | 1094.53 करोड़ रुपये |
| नई लाइन की लंबाई | 52.81 किलोमीटर |
| काम शुरू होने का लक्ष्य | दिसंबर 2026 |
| अधिकतम रफ्तार | 130 किमी प्रति घंटा |
| प्रभावित क्षेत्र | भागलपुर, सुल्तानगंज, बरियारपुर, जमालपुर |
सर्वे के दौरान करीब 200 घरों और कई एकड़ निजी भूमि को चिह्नित किया गया है। जमीन मालिकों को जल्द ही नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही इस रूट के सभी 30 रेलवे क्रॉसिंग को हटाकर वहां रेलवे ओवरब्रिज या अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि ट्रेनों का परिचालन बिना किसी रुकावट के हो सके। इससे मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक मिलेगा और यात्री ट्रेनों के समय में भी सुधार होगा।






