भागलपुर जिले के रानी बामिया गांव के रहने वाले मरीन इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को पटना एयरपोर्ट पहुंचा। 11 मार्च 2026 को ईरान की ओर से अमेरिकी तेल टैंकर पर किए गए हमले में उनकी जान चली गई थी। करीब 20 दिनों के लंबे इंतजार के बाद उनका शव परिजनों को सौंपा गया है। उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
घटना और हमले से जुड़ी मुख्य जानकारी
यह हमला 11 मार्च 2026 को इराक के बसरा के पास Khor Al Zubair पोर्ट के करीब हुआ था। अमेरिकी तेल टैंकर MT Safesea Vishnu पर ईरान ने ड्रोन या मिसाइल से हमला किया था। इस टैंकर पर देवनंदन प्रसाद सिंह बतौर एडिशनल चीफ इंजीनियर तैनात थे। हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई थी जिसमें देवनंदन सिंह की मृत्यु हो गई। हालांकि जहाज पर मौजूद अन्य 15 भारतीय और 12 फिलीपींस के क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था। भारतीय दूतावास और शिपिंग मंत्रालय ने इस दुखद घटना की पुष्टि की थी।
इंजीनियर देवनंदन प्रसाद सिंह का परिचय और स्थिति
50-54 साल के देवनंदन सिंह, जिन्हें लोग पप्पू जी के नाम से भी जानते थे, मूल रूप से भागलपुर के रहने वाले थे। वह साल 2019 से अपने परिवार के साथ मुंबई के कांदिवली ईस्ट में रह रहे थे। उनके निधन के बाद परिवार ने सरकार से उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के साथ विदाई और उचित मुआवजे की मांग की थी। हालांकि सरकारी नियमों के अनुसार उन्हें बैटल कजुअलिटी का दर्जा नहीं दिया गया है। शिपिंग कंपनी Bravo Ship Management ने इस घटना पर संवेदना प्रकट की है। समुद्री अधिकारियों ने टैंकर पर हुए हमले की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | देवनंदन प्रसाद सिंह (पप्पू जी) |
| पद | एडिशनल चीफ इंजीनियर |
| जहाज का नाम | MT Safesea Vishnu |
| हमले की तारीख | 11 मार्च 2026 |
| शव पटना पहुंचने का दिन | बुधवार, 1 अप्रैल 2026 |
| पैतृक गांव | रानी बामिया, भागलपुर |






