भागलपुर नगर निगम ने शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस (Trade License) के चल रहे कारोबार पर सख्ती बढ़ा दी है। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर कोई दुकान या गोदाम बिना वैध लाइसेंस के चलता पाया गया, तो जिस बिल्डिंग में वह स्थित है, उसे सील कर दिया जाएगा। म्युनिसिपल कमिश्नर किलय कुशवाहा के निर्देश पर शहर में नोटिस भेजने का काम तेज हो गया है, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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12 हजार दुकानदारों की लिस्ट तैयार, हजारों को मिला नोटिस
नगर निगम की टीम ने शहर के सभी 51 वार्डों में सर्वे कराने का फैसला किया है। अब तक 12,103 ऐसे व्यवसायों की पहचान की गई है जो नियमों के दायरे में नहीं हैं। इनमें से 5,103 दुकानदारों को नोटिस भेजा जा चुका है और बाकी 7,000 को भी जल्द ही नोटिस भेजने की तैयारी है। हाल ही में वार्ड 38 में हुई एक जांच में पाया गया कि वहां 40 में से 25 दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रही थीं।
मकान मालिकों को क्यों रहना होगा सावधान?
इस बार प्रशासन की कार्रवाई की जद में सिर्फ दुकानदार नहीं, बल्कि मकान मालिक भी आएंगे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी ने अपनी बिल्डिंग में अवैध रूप से कमर्शियल गतिविधि चलाने की अनुमति दी है, तो वह भी कानूनन जिम्मेदार माने जाएंगे। मकान मालिकों से अपील की गई है कि वे अपने किरायेदारों के ट्रेड लाइसेंस की जांच जरूर कर लें, ताकि भविष्य में उनकी बिल्डिंग सील होने की नौबत न आए।
लाइसेंस बनवाने का तरीका और शुल्क
ट्रेड लाइसेंस बनवाने का सालाना खर्च लगभग 2,500 रुपये है। व्यापारियों की सुविधा के लिए नगर निगम ने सम्राट अशोक भवन में चार हफ्ते का एक विशेष कैंप भी लगाया है। कैंप के शुरुआती दिनों में ही सैकड़ों आवेदन जमा हो चुके हैं। जिन लोगों को निगम की तरफ से नोटिस मिला है, उन्हें 7 दिनों के भीतर अपना लाइसेंस बनवाना या रिन्यू कराना अनिवार्य है, नहीं तो भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।






