भागलपुर नगर निगम ने शहर में बिना ट्रेड लाइसेंस चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। निगम ने साफ कर दिया है कि फरवरी के अंत तक लाइसेंस नहीं लेने वाले दुकानदारों और संस्थाओं के खिलाफ मार्च 2026 से सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त किशलय कुशवाहा के निर्देश पर शहर भर में जांच अभियान तेज कर दिया गया है और व्यापारियों को अंतिम चेतावनी दी गई है।
किन दुकानों और संस्थाओं पर होगी कार्रवाई?
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर के सभी 51 वार्डों में चलने वाले दुकान, गोदाम, हॉस्पिटल, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर और रेस्टोरेंट के लिए ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है। अब तक निगम ने 5100 से अधिक लोगों को नोटिस भेजा है। नोटिस मिलने के बाद अगर 7 दिन के अंदर लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया गया, तो दुकान को सील कर दिया जाएगा। मार्च महीने से शुरू होने वाले अभियान में सबसे पहले बिना कागज वाले कोचिंग सेंटर, प्राइवेट हॉस्टल और अस्पतालों को टारगेट किया जाएगा।
लाइसेंस बनवाने का खर्च और जरूरी दस्तावेज
भागलपुर में ट्रेड लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए सम्राट अशोक भवन में कैंप भी लगाया गया है, जहां फरवरी महीने में ही 1500 से अधिक आवेदन जमा हुए हैं। व्यापारियों की सुविधा के लिए जरूरी जानकारी नीचे दी गई है:
| सालाना फीस | 2,500 रुपये |
| नवीनीकरण समय | 1 जनवरी से 31 मार्च |
| जरूरी कागज | होल्डिंग टैक्स रसीद, रेंट एग्रीमेंट, आधार, पैन |
| चेतावनी | मार्च 2026 से सीलिंग शुरू |
ट्रेड लाइसेंस शाखा प्रभारी राकेश भारती ने बताया कि होल्डिंग टैक्स भरने वाले लेकिन ट्रेड लाइसेंस न रखने वाले 12,000 दुकानदारों की पहचान जीआईएस मैपिंग के जरिए की गई है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने व्यापारियों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग की है ताकि टैक्स जमा करने में आसानी हो।






