भागलपुर नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है. शहर के दक्षिणी क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाने के लिए एक दूसरी विशेष टीम बनाई गई है. इस कदम का मकसद शहर में यातायात को बेहतर बनाना और स्वच्छता को बढ़ाना है. मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को, इस अभियान के लिए नए इंचार्ज की भी नियुक्ति हुई है.

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अतिक्रमण हटाने वाली टीमें और नई नियुक्तियाँ

नगर निगम ने पूरे शहर को दो अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा है ताकि अतिक्रमण को और असरदार तरीके से हटाया जा सके:

  • पहली टीम: वार्ड 1 से 38 तक के इलाकों की जिम्मेदारी संभालेगी.
  • दूसरी टीम: वार्ड 39 से 51 तक के दक्षिणी क्षेत्र में विशेष अभियान चलाएगी.

दक्षिणी क्षेत्र के लिए मंगलवार, 10 फरवरी 2026 को Sonu Kumar को अतिक्रमण हटाने का नया इंचार्ज बनाया गया है. वह ULB कैडर में असिस्टेंट हैं. उनके साथ Rajiv Ranjan, एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, अभियान में सहायता करेंगे. नगर आयुक्त Shubham Kumar (IAS) इन सभी प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिनकी प्राथमिकता शहर का यातायात प्रबंधन और साफ-सफाई है.

अतिक्रमण पर नियम, जुर्माने और कार्रवाई

बिहार नगर पालिका (संशोधन) अधिनियम के तहत, नगर आयुक्त को मौके पर ही जुर्माना लगाने का अधिकार है. हाल ही के अभियानों में:

  • दुकानदारों और विक्रेताओं से ₹10,000 का स्पॉट फाइन वसूला गया है.
  • गंभीर या बार-बार उल्लंघन करने पर ₹20,000 तक का अधिकतम जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • छोटे-मोटे पार्किंग या ठेले के उल्लंघन पर ₹500 का सामान्य जुर्माना लगता है.

अस्थायी अतिक्रमण के लिए आमतौर पर 24 घंटे का नोटिस दिया जाता है, जबकि स्थायी ढांचे के लिए तोड़ने से पहले 15 दिन का नोटिस देना जरूरी होता है. चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण न हटाने पर निगम को सामान जब्त करने और अवैध दुकानों को हटाने का अधिकार है. लगातार नियमों का पालन न करने पर FIR भी दर्ज हो सकती है और कारावास का प्रावधान भी है.

अभियान की शुरुआत और सुरक्षा का बंदोबस्त

मंगलवार, 10 फरवरी को दूसरी टीम की नियुक्ति के बाद, दक्षिणी वार्ड (39-51) में सड़कों, फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों को साफ करने के लिए विशेष अभियान सक्रिय हो रहा है. दक्षिणी क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है क्योंकि यहां ‘व्यापक अतिक्रमण’ से यातायात में गंभीर बाधा आती है और साफ-सफाई की समस्या भी बढ़ती है. अभियान के दौरान किसी भी तरह के विरोध या पथराव की घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम की टीमों को स्थानीय पुलिस और पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (CTS) के प्रशिक्षु कर्मियों से सुरक्षा सहायता मिलेगी. इस अभियान का मुख्य निशाना दक्षिणी वार्डों के व्यस्त गलियारे और प्रमुख चौराहे हैं, खासकर स्टेशन रोड और आवासीय इलाकों की ओर जाने वाले फुटपाथ जहां भीड़भाड़ अधिक रहती है.


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