भागलपुर शहर के व्यापारियों के लिए नगर निगम की ओर से जारी किए जा रहे नोटिस बड़ी परेशानी का सबब बन गए हैं। ट्रेड लाइसेंस, होल्डिंग टैक्स और यूजर चार्ज के नाम पर एक के बाद एक नोटिस भेजे जा रहे हैं। छोटे और मध्यम वर्ग के दुकानदार इस आर्थिक दबाव से परेशान हैं क्योंकि बाजार की स्थिति पहले से ही कमजोर है। व्यापारियों का कहना है कि निगम उन सुविधाओं के लिए भी पैसे मांग रहा है जो सही तरीके से जमीन पर नहीं दिख रही हैं।
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व्यापारियों पर किन शुल्कों का बोझ बढ़ा है?
नगर निगम द्वारा कई तरह के टैक्स और चार्ज के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें ट्रेड लाइसेंस का नवीनीकरण और भवन नक्शा उल्लंघन जैसे मामले शामिल हैं। सबसे ज्यादा विवाद पानी और सफाई के लिए लिए जा रहे यूजर चार्ज को लेकर है।
| शुल्क का प्रकार | निर्धारित राशि |
|---|---|
| मासिक जल शुल्क (सामान्य दुकान) | ₹150 |
| होटल के लिए जल शुल्क | ₹5000 |
| सफाई यूजर चार्ज | होल्डिंग टैक्स के साथ (3 साल का बकाया शामिल) |
| हालिया कचरा शुल्क नोटिस | ₹1.81 लाख तक (एक व्यवसायी को) |
सुविधाओं की कमी और व्यापारियों का विरोध
ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स और स्थानीय दुकानदारों ने इन नोटिसों पर कड़ा ऐतराज जताया है। व्यापारियों का आरोप है कि पटल बाबू रोड जैसे व्यस्त इलाकों में कचरा संग्रहण नियमित नहीं है और गंदगी का अंबार लगा रहता है। कई प्रतिष्ठानों को पानी का बिल भेजा गया है जिनके पास निगम का कनेक्शन तक नहीं है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा का कहना है कि ये शुल्क बिहार नगरपालिका अधिनियम के तहत अनिवार्य हैं। शहर की बढ़ती आबादी को बेहतर सुविधाएं देने के लिए राजस्व जुटाना जरूरी है। हालांकि, व्यापारी अब इस मामले को लेकर मेयर और नगर आयुक्त से मिलकर राहत की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं।






