भागलपुर जिले में कानून व्यवस्था और पुलिस बल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अब जिले के सभी थानों में प्रतिदिन रोल कॉल (Roll Call) की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के लिए अपडेट रखना, उनकी निजी और पेशेवर समस्याओं को सुनना और दिनभर के कार्यों की सही रूपरेखा तैयार करना है.
भागलपुर पुलिस की नई पहल और हालिया कार्रवाई
| विषय | महत्वपूर्ण अपडेट |
|---|---|
| रोल कॉल नियम | सभी थानों में अनुशासन बढ़ाने के लिए प्रतिदिन अनिवार्य किया गया |
| अपराधियों पर नजर | जमानत पर छूटे 37 कुख्यात अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी |
| सुलतानगंज गिरफ्तारी | महिला से सोने की बाली छीनने वाला आरोपी सीसीटीवी से धराया |
| ट्रैफिक नियम | 1 मार्च से हेलमेट और सीट बेल्ट को लेकर विशेष सख्ती लागू |
| पुलिस प्रशिक्षण | थाना स्तर पर मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग |
| नशा मुक्ति अभियान | जागरूकता रैली के जरिए सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया गया |
| वायु गुणवत्ता | 18 मार्च को भागलपुर का AQI 161 दर्ज किया गया |
शहर की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव
शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 1 मार्च 2026 से नए नियम लागू हैं. एसएसपी प्रमोद कुमार ने साफ कर दिया है कि हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. चौराहों पर लगे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) के कैमरों के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि नियम तोड़ने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जा सके. इसके अलावा पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले के उन कुख्यात अपराधियों पर भी नजर रखी जा रही है जो हाल ही में जेल से बाहर आए हैं.
पुलिस अधिकारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं. हाल ही में बांका और नवगछिया के पुलिस अधिकारियों को भारतीय कानून की उन धाराओं की जानकारी दी गई जिनका निपटारा थाना स्तर पर ही संभव है. इससे अदालतों पर बोझ कम होगा और आम जनता को त्वरित न्याय मिल सकेगा. वहीं 18 मार्च को भागलपुर बिहार का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम श्रेणी में दर्ज किया गया है.






