भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति होल्डिंग की जांच के दौरान एक बड़ा घोटाला सामने आया है। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट के नाम पर भारी अनियमितता बरती गई है। जांच में पता चला है कि बिना किसी बंटवारे के एक ही घर में 4 से 5 होल्डिंग रजिस्टर कर दी गई हैं। इससे टैक्स असेसमेंट की पूरी प्रक्रिया और सर्वे करने वाली हैदराबाद की एजेंसी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर आयुक्त ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।
नगर निगम की जांच में क्या गड़बड़ी मिली?
वार्डों में प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सर्वे में नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए उन मकानों से भी मुख्य सड़क का टैक्स वसूला जा रहा है जो असल में पतली गलियों में स्थित हैं। इस लापरवाही के कारण आम जनता पर भारी टैक्स का बोझ पड़ रहा है।
- होल्डिंग का फर्जीवाड़ा: बिना भौतिक सत्यापन के कागजों पर एक ही मकान के कई हिस्से कर दिए गए।
- गलत वर्गीकरण: गलियों के अंदर वाले घरों को मेन रोड की प्रॉपर्टी दिखाकर ज्यादा टैक्स वसूला गया।
- एजेंसी पर सवाल: हैदराबाद की जिस एजेंसी ने 2019 में सर्वे किया था, उसकी रिपोर्ट पूरी तरह संदिग्ध पाई गई है।
- अधूरा डाटा: कई दो मंजिला इमारतों की जानकारी को भी सर्वे में सही तरीके से अपडेट नहीं किया गया।
बकायेदारों पर अब निगम करेगा सख्त कार्रवाई
नगर आयुक्त Kislay Kushwaha ने बताया कि शहर में लगभग 16,000 संपत्तियों पर करीब 31 करोड़ रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है। नगर निगम ने अब सख्त रुख अपनाते हुए सात दिनों का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है। इसके बाद Bihar Municipality Act 2007 की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- बैंक खाते होंगे फ्रीज: बड़े बकायेदारों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
- कनेक्शन कटेंगे: टैक्स न भरने वाले घरों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटे जा सकते हैं।
- कुर्की और FIR: संपत्तियों को सील करने के साथ-साथ मकान मालिकों पर FIR भी दर्ज की जाएगी।
- बकायेदारों की लिस्ट: निगम जल्द ही सार्वजनिक स्थानों पर टैक्स न भरने वालों की सूची जारी करेगा।






