भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) संदीप कुमार को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई उनके काम में लगातार मिल रही लापरवाही और तय मानकों के अनुसार जिम्मेदारी नहीं निभाने के कारण की गई है। स्मार्ट सिटी के MD सह नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा ने 16 मार्च 2026 से उनकी संविदा आधारित सेवा समाप्त करने का पत्र जारी कर दिया है। प्रमुख सचिव की समीक्षा बैठक के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है।
किन कारणों से हुई संदीप कुमार पर यह कार्रवाई?
संदीप कुमार पर आरोप है कि उन्होंने स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स को लेकर बेहद सुस्त रवैया अपनाया और विभागीय गाइडलाइंस का पालन नहीं किया। विभागीय जांच में उनके काम को मानकों के विपरीत पाया गया। अधिकारी को पहले भी कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया और न ही अपनी कार्यशैली में सुधार किया। बुधवार को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उनकी लापरवाही सामने आने पर तुरंत बर्खास्तगी के निर्देश दिए गए।
इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स में मिली थीं बड़ी कमियां
संदीप कुमार के कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण योजनाओं की हालत खराब पाई गई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि शहर के विकास से जुड़ी फाइलों को अटकाया गया और संसाधनों का सही प्रबंधन नहीं हुआ। मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों में लापरवाही उजागर हुई है:
| प्रोजेक्ट का नाम | लापरवाही का विवरण |
|---|---|
| भैरवा तालाब | सौंदर्यीकरण कार्य में अत्यधिक देरी और सुस्ती |
| सैंडिस कंपाउंड | संसाधनों का रखरखाव और देखरेख में कमी |
| स्मार्ट रोड | सड़कों के निर्माण और गुणवत्ता पर ध्यान न देना |
| कमांड सेंटर | सुरक्षा कैमरों के संचालन में भारी तकनीकी खामियां |
अब आगे क्या होगी कार्रवाई?
संदीप कुमार की बर्खास्तगी के बाद अब उनके कार्यकाल के दौरान हुए सभी कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है। वार्ड 21 के पार्षद और सशक्त स्थायी समिति के सदस्य संजय कुमार सिन्हा ने मांग की है कि संदीप कुमार की व्यक्तिगत संपत्ति और उनके द्वारा संचालित सभी प्रोजेक्ट्स की गहराई से जांच होनी चाहिए। नगर निगम के सदस्यों का मानना है कि उनकी लापरवाही से शहर के विकास कार्यों को नुकसान पहुंचा है। आने वाले दिनों में उनके खिलाफ कानूनी मामला भी दर्ज हो सकता है।






