भागलपुर के लोगों के लिए हवाई सफर का सपना अब सच होने के करीब है। सुल्तानगंज में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और वर्तमान हवाई पट्टी को चालू करने की प्रक्रिया में तेजी आई है। ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक में यह जानकारी साझा की गई है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पत्र के बाद अब इस प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ रहा है। सरकार ने इस परियोजना के लिए जरूरी जमीन और बजट को लेकर प्रशासनिक मंजूरी दे दी है।
एयरपोर्ट प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी और बजट
बिहार सरकार ने सुल्तानगंज में प्रस्तावित इस ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए भारी निवेश की योजना बनाई है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण से लेकर तकनीकी सर्वे तक का काम पाइपलाइन में है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| प्रस्तावित स्थल | सुल्तानगंज, भागलपुर |
| कुल जमीन | 931 एकड़ |
| जमीन अधिग्रहण बजट | 472.72 करोड़ रुपये |
| टेंडर की समय-सीमा | अगले 4 महीने में संभावना | पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) |
| फीजिबिलिटी स्टडी शुल्क | 1.21 करोड़ रुपये जमा |
आम जनता और व्यापारियों को मिलने वाले लाभ
इस हवाई अड्डे के शुरू होने से पूर्वी बिहार के साथ-साथ पड़ोसी जिलों जैसे बांका, मुंगेर और देवघर को भी काफी लाभ होगा। यह प्रोजेक्ट स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है।
- सिल्क सिटी के रेशम उद्योग को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी
- विक्रमशिला और अजगैबीनाथ धाम में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- हवाई कनेक्टिविटी बढ़ने से इलाके में नए निवेश और रोजगार आएंगे
- बांका, जमुई और खगड़िया के यात्रियों को दिल्ली-मुंबई जाना आसान होगा
अधिकारियों की तैयारी और सर्वे की स्थिति
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में प्रस्तावित स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया है और जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। प्रमंडलीय आयुक्त अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि टेंडर की प्रक्रिया अगले चार महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नामित करने का अनुरोध किया है ताकि ओएलएस सर्वे और तकनीकी रिपोर्ट जल्द तैयार की जा सके। हालांकि, सुल्तानगंज के कुछ क्षेत्रों में किसान अपनी उपजाऊ जमीन को लेकर विरोध कर रहे हैं, जिसका समाधान निकालने का प्रयास प्रशासन कर रहा है।






