भागलपुर के स्टेशन चौक पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने सरकार के नए लेबर कोड के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। 2 अप्रैल 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम के तहत मजदूरों ने काला दिवस मनाया। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में श्रमिक एकजुट हुए और उन्होंने सरकार की नई नीतियों के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। मजदूरों का कहना है कि नए नियम उनके हितों के खिलाफ हैं।

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प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था?

मजदूरों और ट्रेड यूनियनों का विरोध मुख्य रूप से नए लेबर कोड को लेकर है। यूनियन नेताओं के अनुसार, सरकार द्वारा लाए जा रहे ये बदलाव श्रमिकों के पुराने अधिकारों को कम कर सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नए नियमों से नौकरी की सुरक्षा और काम के घंटों पर बुरा असर पड़ेगा। इसी कारण से स्टेशन चौक पर इकट्ठा होकर सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

मजदूरों ने क्या मांगें रखी हैं?

विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्रेड यूनियनों ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी मांगें मजबूती से रखीं। उनकी मुख्य मांगें कुछ इस प्रकार हैं:

  • नए लेबर कोड को तुरंत वापस लिया जाए।
  • श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा लाभों को सुनिश्चित किया जाए।
  • काम के घंटों और न्यूनतम वेतन के नियमों में कोई कटौती न हो।
  • मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बहाल रखा जाए।

यह प्रदर्शन प्रभात खबर द्वारा रिपोर्ट किया गया है। मजदूरों ने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाते रहेंगे। स्टेशन चौक पर हुए इस विरोध के दौरान यातायात पर भी असर देखा गया और पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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