भागलपुर के जीरोमाइल चौक पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना तैयार की है। मुख्यालय स्तर पर तैयार की जा रही DPR के आधार पर जल्द ही यह तय होगा कि मौजूदा फ्लाइओवर को फोरलेन बनाया जाए या उसके बगल में एक नया टूलेन फ्लाइओवर खड़ा किया जाए। इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल का काम भी तेजी से चल रहा है, जिसके 2028 तक पूरा होने की संभावना है।
सड़क और बाईपास निर्माण का नया प्लान क्या है?
शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कई स्तरों पर काम शुरू किया गया है। भारतीय रेलवे ने 13.38 किलोमीटर लंबे भागलपुर बाईपास के निर्माण को हरी झंडी दे दी है, जो गोनुधाम हॉल्ट को सीधे सबौर से जोड़ेगा। इसके अलावा नवगछिया से चौधरीडीह तक एक नई फोरलेन सड़क का निर्माण भी किया जाएगा। ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए जीरोमाइल चौक पर 24 घंटे सक्रिय रहने वाला चेक पोस्ट लगभग तैयार है, और इसी सप्ताह मनाली, कचहरी और गुरहट्टा चौक पर भी चेक पोस्ट शुरू करने की योजना है।
प्रोजेक्ट की लागत और मुख्य विवरण
भागलपुर और आसपास के इलाकों में सड़क और पुलों के जाल बिछाने के लिए करोड़ों रुपये का बजट तय किया गया है। एनएच के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रोशन और परामर्श एजेंसी VKS द्वारा इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। मुख्य निवेश और दूरियों का विवरण नीचे टेबल में दिया गया है:
| प्रोजेक्ट का नाम | दूरी (किमी) | अनुमानित लागत (करोड़ में) |
|---|---|---|
| नवगछिया जीरोमाइल से जाह्नवी चौक | 9 किमी | ₹295 |
| बरारी बाईपास मोड़ से चौधरीडीह | 4.5 किमी | ₹111 |
| भागलपुर रेलवे बाईपास | 13.38 किमी | ₹303.20 |
| विक्रमशिला सेतु टीओपी से नवगछिया NH 31 | फोरलेन | ₹238 |
| महादेवपुर घाट बांध निर्माण | 900 मीटर | ₹9 |
इस पूरी योजना से न केवल भागलपुर शहर के भीतर गाड़ियों का दबाव कम होगा, बल्कि नवगछिया और आसपास के जिलों से कनेक्टिविटी भी काफी बेहतर हो जाएगी। NH-80 के तहत जीरोमाइल से मिर्जाचौकी तक का काम भी फिलहाल प्रगति पर है। मंत्रालय से DPR को अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।






