राज्य सरकार ने सूबे के चार शहरों क्रमश: मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और गया में रिंग रोड निर्माण का जो प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रलय को दिया है उसके आधार में बाईपास से संपर्कता है। इन शहरों में ट्रैफिक सिस्टम की सहजता के लिए जो बाईपास बने हैं, उससे शहर की कई दिशाओं से संपर्कता नहीं है। यह कहा गया है कि अगर एक हिस्से में भी सड़क बन जाए तो वह रिंग रोड के निर्माण को पूरा करेगा। संभावना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण इन चार शहरों में रिंग रोड निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सकता है।
मुजफ्फरपुर में रिंग रोड के प्रस्ताव का आधार :
मुजफ्फरपुर में रिंग रोड के निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग द्वारा दिए गए आधार के अनुसार एनएच 77 पर बना बाइपास (हाजीपुर-मुजफ्फरपुर) और एनएच 28 (मुजफ्फरपुर-बरौनी फोर लेन) पश्चिमी दिशा से शहर के 50 प्रतिशत हिस्से को कवर कर लेगा। शहर का पूर्वी हिस्सा किसी तरह के प्रस्ताव से कवर नहीं है। अगर इस हिस्से में सड़क निर्माण होता है तो मुजफ्फरपुर का रिंग रोड आकार ले लेगा।
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भागलपुर में उत्तरी हिस्सा किसी तरह के प्रस्ताव से कवर नहीं :
भागलपुर से गुजरने वाली मुंगेर-मिर्जाचौकी (एनएच-80) सड़क दक्षिणी हिस्से से रिंग रोड के 50 प्रतिशत हिस्से को कवर कर रही। उत्तरी हिस्से के लिए कोई प्रस्ताव नहीं। उत्तरी हिस्से के लिए योजना बनने से रिंग रोड अस्तित्व में आ सकेगा।