बिहार सरकार ने विदेश जाकर काम करने वाले मजदूरों और कामगारों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया है कि अब विदेश में काम के दौरान किसी मजदूर की मृत्यु होने पर उनके परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही, विदेश जाने से पहले एक खास ट्रेनिंग (PDOT) को अनिवार्य कर दिया गया है ताकि मजदूर वहां के नियम-कानून समझ सकें।

अब सरकार उठाएगी शव लाने का पूरा खर्च

पहले अगर किसी मजदूर की विदेश में मौत हो जाती थी, तो परिवार को 2 लाख रुपये मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी कामगार की मृत्यु राज्य के बाहर या विदेश में होती है, तो उसका शव पैतृक गांव तक लाने का पूरा खर्च बिहार सरकार उठाएगी। यह काम नवगठित ‘युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग’ (YESD) की देखरेख में किया जाएगा।

विदेश जाने से पहले यह ट्रेनिंग लेना हुआ जरूरी

अगर आप ECR (Emigration Check Required) देशों में काम करने जा रहे हैं, तो आपको एक दिन की PDOT ट्रेनिंग लेनी होगी। यह ट्रेनिंग 8 घंटे की होती है और पूरी तरह मुफ्त है। इसमें आपको विदेश के लेबर लॉ, आपके अधिकार और वहां के कल्चर के बारे में बताया जाता है। सरकार का मकसद है कि मजदूर सुरक्षित जाएं और प्रशिक्षित होकर जाएं। यह ट्रेनिंग बिहार के पांच शहरों में अलग-अलग दिन दी जाती है।

ट्रेनिंग सेंटर्स और उनका समय:

शहर स्थान दिन
पटना नियोजन भवन, बेली रोड हर मंगलवार
प. चंपारण (बेतिया) जिला नियोजन कार्यालय हर मंगलवार
मुजफ्फरपुर संयुक्त श्रम भवन हर बुधवार
दरभंगा संयुक्त श्रम भवन, रामनगर हर गुरुवार
गया संयुक्त श्रम भवन, कटूरीबारी हर शुक्रवार

जो भी लोग इस ट्रेनिंग के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उन्हें https://pdot.mea.gov.in पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए आपके पास पासपोर्ट या Job ID होना जरूरी है।


Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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