बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए खजाना खोल दिया है. केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि के साथ अब राज्य सरकार भी अपनी तरफ से आर्थिक मदद देगी. वित्त मंत्री ने बजट में ‘कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ की घोषणा की है. इस नई योजना के तहत बिहार के किसानों को केंद्र से मिलने वाली राशि के अलावा अलग से 3,000 रुपये सालाना दिए जाएंगे.
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कब और कैसे मिलेंगे पैसे
यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजा जाएगा. केंद्र सरकार से मिलने वाले 6,000 रुपये के अलावा यह 3,000 रुपये दिए जाएंगे. यानी अब बिहार के पात्र किसान को साल में कुल 9,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी. राज्य सरकार यह पैसा तीन किस्तों में देगी. हर किस्त में 1,000 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे. यह पैसा पीएम किसान की किस्त के साथ ही दिया जाएगा ताकि किसानों को एक साथ बड़ा लाभ मिल सके. यह योजना अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष में लागू हो जाएगी.
पैसा लेने के लिए यह काम है जरूरी
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सभी किसानों को Farmer Registry करवाना अनिवार्य कर दिया गया है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक बिहार के 73 लाख किसानों में से अभी केवल 45% यानी लगभग 30.8 लाख किसानों ने ही यह रजिस्ट्रेशन कराया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन किसानों के पास Farmer ID नहीं होगी, उन्हें न तो पीएम किसान की 22वीं किस्त मिलेगी और न ही कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि का पैसा मिलेगा.
कहां हो रहा है रजिस्ट्रेशन
सरकार ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज करने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए हैं. किसान अपने नजदीकी वसुधा केंद्र (CSC) पर जाकर भी यह काम करवा सकते हैं. इसके अलावा जो किसान इंटरनेट का इस्तेमाल जानते हैं, वे खुद आधिकारिक पोर्टल bhfr.agristack.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए जमीन के कागजात और आधार कार्ड का लिंक होना जरूरी है.






