बिहार के किशनगंज जिले में पुलिस ने एक बड़े जालसाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है. टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में एक किराना दुकान की आड़ में फर्जी आधार कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा था. पुलिस ने इस मामले में मनोहर कुमार शर्मा नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो बलुआजगीर गांव का रहने वाला है. इस गिरोह के तार बिहार के अलावा अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की संभावना है.
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छापेमारी में भारी मात्रा में क्या-क्या मिला?
पुलिस ने जब आरोपी की दुकान पर छापेमारी की, तो वहां से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद हुई. पुलिस ने मौके से 400 से अधिक फर्जी आधार कार्ड, लैपटॉप, मॉनिटर, फिंगरप्रिंट स्कैनर और थंब स्कैनर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. इसके अलावा कई बैंकों के एटीएम कार्ड, पासबुक, जाति प्रमाण पत्र और खतियान भी बरामद हुए हैं. जांच में एक स्कूल के प्रधानाध्यापक और एक सरपंच की जाली मोहरें भी मिली हैं, जिनका उपयोग फर्जी कागजात बनाने में किया जाता था.
कैसे काम करता था यह अंतरराज्यीय गिरोह?
- आरोपी जाली मोहरों की मदद से पहले फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे.
- किसी अन्य व्यक्ति की आधार आईडी और क्लोन किए गए फिंगरप्रिंट का उपयोग करके सॉफ्टवेयर में डेटा अपलोड किया जाता था.
- इस तरीके से अवैध रूप से नए आधार कार्ड तैयार किए जाते थे.
- पुलिस के अनुसार इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के सीमांचल जिलों के साथ पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है.
- प्रशासन अब इस मामले में घुसपैठियों के कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रहा है.
किशनगंज पुलिस ने इस सफलता की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा की है. प्रभारी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने ठोस सबूत जुटाने के बाद यह कार्रवाई की. पकड़े गए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है.






