भागलपुर पुलिस ने गिट्टी और बालू के ओवरलोड वाहनों को अवैध तरीके से पास कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पीरपैंती थाना क्षेत्र में पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह WhatsApp ग्रुप के जरिए पुलिस की लोकेशन शेयर करता था ताकि अवैध वाहन सुरक्षित निकल सकें। पुलिस अब इस धंधे के असली सरगना की तलाश कर रही है जिसके लिए 50 से अधिक मोबाइल नंबरों की निगरानी की जा रही है।
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कैसे चलता था ‘सुपर टॉप-10 ऑनर’ ग्रुप का खेल?
यह गिरोह WhatsApp ग्रुप के जरिए सक्रिय था जिसमें कुल 60 सदस्य जुड़े हुए थे। गिरोह के सदस्य पुलिस और माइनिंग अफसरों की गतिविधियों पर नजर रखते थे और उनकी लोकेशन ग्रुप में साझा करते थे। इसके बदले में ट्रक मालिकों से मासिक या दैनिक आधार पर मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- कुल 1,30,500 रुपये नकद बरामद
- एक Scorpio और एक कार जब्त
- सात मोबाइल फोन बरामद
- गिरोह का मास्टरमाइंड अभिषेक कुमार उर्फ चंदन कुमार यादव गिरफ्तार
अवैध खनन रोकने के लिए सरकार के नए और कड़े नियम
बिहार सरकार ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग को रोकने के लिए जुर्माने की राशि काफी बढ़ा दी है। नए नियमों के मुताबिक अवैध परिवहन में शामिल वाहनों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। सरकार ने जनता से भी सहयोग मांगा है और सूचना देने वालों के लिए इनाम की घोषणा की है।
| नियम/विवरण | जुर्माना या पुरस्कार राशि |
|---|---|
| वाहन मालिकों पर अधिकतम जुर्माना | 10 लाख रुपये तक |
| ट्रकों की सूचना देने पर इनाम | 10,000 रुपये |
| ट्रैक्टर संबंधी जानकारी पर इनाम | 5,000 रुपये |
| मुंगेर में हालिया कार्रवाई में जुर्माना | 46.99 लाख रुपये (5 वाहनों पर) |
DGP विनय कुमार ने सभी जिलों को अवैध खनन और पासिंग माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिहार खनिज नियमावली 2019 (संशोधित 2024) के तहत आरोपियों पर FIR दर्ज की जा रही है। सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि ग्रुप से जुड़े अन्य सभी सदस्यों की भी जांच की जा रही है और जल्द ही गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






