बिहार सरकार की स्वरोजगार योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल की बात सामने आई है। उद्योग विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है कि लगभग 4000 करोड़ रुपये के लोन में से 10,000 लाभार्थियों ने धोखाधड़ी की है। स्वरोजगार के लिए मिले पैसे का इस्तेमाल बिजनेस शुरू करने के बजाय निजी सुख-सुविधाओं जैसे घर बनाने, Scorpio गाड़ी खरीदने और सोने के गहने लेने में किया गया। इस मामले के सामने आने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी है।
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किन योजनाओं में हुई गड़बड़ी और कैसे हुआ खुलासा?
मुख्य रूप से मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के तहत 1.5 लाख युवाओं को करीब 4000 करोड़ रुपये का लोन दिया गया था। जांच के दौरान पाया गया कि कई लोगों ने फर्जी फोटोकॉपी मशीन और आटा चक्की के नाम पर पैसे निकाले और कुछ ही समय में काम बंद कर दिया। सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में 92,133 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र भी जमा नहीं किए गए हैं। भागलपुर और बांका जैसे जिलों में भी इस तरह की अनियमितता की खबरें प्रमुखता से आई हैं।
धोखाधड़ी करने वालों पर अब क्या होगी कार्रवाई?
उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने सब्सिडी हड़पने के इरादे से लोन लिया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अब इन डिफॉल्टरों से पैसे वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। विभाग की ओर से अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है।
| कार्रवाई का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| रिकवरी का लक्ष्य | 400 डिफॉल्टरों से 17.94 करोड़ रुपये की वसूली शुरू |
| कानूनी कार्रवाई | रोहतास में 17 लाभार्थियों पर FIR दर्ज की गई |
| आवेदन रद्द | बगाहा में फर्जी आय प्रमाण पत्र देने वाले 49 आवेदन रद्द |
| GST जांच | बेतिया में फर्जी बिल देने वाले सप्लायर्स पर एक्शन की तैयारी |
| निगरानी कमेटी | हर जिले में लोकल लेवल पर जांच के लिए कमेटी गठित |
महिलाओं के लिए स्वरोजगार योजना में भी नई शर्तें लागू
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब अगली किस्त जारी करने से पहले कड़ी फिजिकल वेरिफिकेशन की जाएगी। जीविका कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे मौके पर जाकर देखें कि बिजनेस वास्तव में चल रहा है या नहीं। मुजफ्फरपुर के औराई ब्लॉक में स्कूली छात्राओं के नाम पर पैसे ट्रांसफर होने का मामला सामने आने के बाद अब सरकार बिना वेरिफिकेशन के एक भी रुपया जारी नहीं करेगी। जिन लोगों ने पहले मिली राशि का सही उपयोग किया है, उन्हें ही 2 लाख रुपये तक की अगली सहायता मिलेगी।






