बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत मार्च की शुरुआत में भागलपुर पहुंचने वाले हैं। उनके आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने शहर की जर्जर सड़कों को तुरंत ठीक करने और लटकते बिजली के तारों को बदलने का सख्त निर्देश दिया है ताकि यात्रा के दौरान आम लोगों और काफिले को कोई परेशानी न हो।
किन सड़कों की मरम्मत का मिला आदेश?
जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग को उन रास्तों को प्राथमिकता पर ठीक करने को कहा है जहां से यात्रा के गुजरने की संभावना है। प्रशासन का साफ कहना है कि सड़कों के गड्ढे भरने और मरम्मत के काम में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस लाइन रोड और बैजानी इलाके में काम शुरू भी हो चुका है।
इन मुख्य रास्तों पर है प्रशासन का फोकस:
- लोहा पुल: शहर के यातायात के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण पुल है।
- रेलवे स्टेशन रोड: स्टेशन के दक्षिणी गेट और आसपास के शिक्षण संस्थानों वाली सड़कें।
- बाईपास और रिक्सडीह: औद्योगिक क्षेत्र और रिहायशी कॉलोनियों को जोड़ने वाली सड़कें।
- जगदीशपुर रोड: यह सड़क क्षेत्रीय व्यापार और आवागमन के लिए अहम है।
बिजली के तारों और खंभों पर क्या है निर्देश?
सड़कों के साथ-साथ बिजली विभाग को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। शहर में कई जगहों पर जर्जर तार और पुराने खंभे हादसों का कारण बन सकते हैं। DM ने साफ कहा है कि अगर यात्रा के दौरान सुरक्षा में कोई भी कमी पाई गई तो अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई होगी।
विभाग को खराब तारों को तुरंत बदलने का आदेश मिला है। हालांकि शहर में 33kV और 11kV लाइनों को जमीन के नीचे (Underground) करने का एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है, लेकिन अभी अधिकारियों का पूरा ध्यान सतह पर मौजूद कमियों को तुरंत ठीक करने पर है।
मार्च में कब शुरू होगी यह यात्रा?
बजट सत्र के कारण मुख्यमंत्री की यात्रा कुछ समय के लिए रुकी थी। अब यह यात्रा मार्च 2026 के पहले सप्ताह में भागलपुर पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान मुख्यमंत्री लगभग 50,000 करोड़ रुपये की पुरानी परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। साथ ही ‘जन संवाद’ कार्यक्रम के जरिए वे सीधे आम लोगों से मिलेंगे और ‘सात निश्चय-3’ के तहत चल रहे कामों का जमीनी हकीकत जानेंगे।






