भागलपुर के चर्चित रंग निर्देशक और अभिनेता डा. चैतन्य प्रकाश ने गोरखपुर फिल्म फेस्टिवल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्हें उनकी शार्ट फिल्म “अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पवन” (Untold Story of Pawan) के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का पुरस्कार दिया गया है। देश भर से आई लगभग 40 फिल्मों के बीच उनकी फिल्म ने यह बाजी मारी है।

किस फिल्म के लिए मिला सम्मान?

डा. चैतन्य को यह अवार्ड उनकी संवेदनशील लघु फिल्म ‘अनटोल्ड स्टोरी ऑफ पवन’ के बेहतरीन निर्देशन के लिए मिला है। इस फिल्म फेस्टिवल में देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 40 फिल्में स्क्रीनिंग के लिए चुनी गई थीं। जूरी ने इन सभी फिल्मों को परखने के बाद डा. चैतन्य की फिल्म को निर्देशन के मामले में सबसे उम्दा पाया और उन्हें विजेता घोषित किया।

क्या है फिल्म की कहानी?

इस फिल्म की कहानी सामाजिक ताने-बाने और संघर्ष पर आधारित है। फिल्म का मुख्य पात्र पवन नाम का एक दलित बच्चा है। पवन का सपना एक अभिनेता बनने का है, लेकिन उसके रास्ते में समाज और आर्थिक तंगी बड़ी बाधा बनकर खड़ी है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे वह इन तमाम मुश्किलों से जूझते हुए अपने सपने को जिंदा रखता है।

जूरी ने क्यों चुना इस फिल्म को?

जूरी ने फिल्म के चयन के पीछे कई अहम कारण बताए हैं। इसमें निर्देशक की दृष्टि (Directorial Vision), सामाजिक सरोकार, प्रभावी कहानी कहने का तरीका और फिल्म का गीत-संगीत शामिल है। जूरी का मानना था कि फिल्म ने बहुत ही संवेदनशीलता के साथ एक जरूरी मुद्दे को पर्दे पर उतारा है।

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