भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अपने डिजिटल सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेन टिकट बुक करने के लिए अलग-अलग एप्स रखने की झंझट खत्म होने वाली है। रेलवे अपने नए ‘RailOne’ सुपर एप की तरफ तेजी से बढ़ रहा है, जिसमें IRCTC और UTS जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। 1 मार्च 2026 से पुराना UTS एप पूरी तरह बंद हो जाएगा और जनरल टिकट की बुकिंग भी इसी नए एप से करनी होगी।
टिकट बुकिंग पर कितनी होगी बचत?
नया RailOne एप इस्तेमाल करने पर यात्रियों को पुराने एप के मुकाबले कम पैसे खर्च करने होंगे। भागलपुर से आनंद विहार जाने वाली ट्रेनों में जहां पहले IRCTC एप पर 35 रुपये कन्वीनिएंस फीस लगती थी, वहीं अब इस नए एप पर यह फीस घटकर करीब 23 रुपये रह गई है। इसके अलावा यूपीआई (UPI) से पेमेंट करने पर किराए में और भी कमी आएगी।
भागलपुर से दिल्ली जाने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस (3AC) के किराए का अंतर नीचे दिया गया है:
| माध्यम | IRCTC एप | RailOne एप |
|---|---|---|
| डेबिट कार्ड | ₹1603 | ₹1570.40 |
| UPI पेमेंट | – | ₹1558.60 |
क्या पुरानी आईडी और वॉलेट का पैसा बर्बाद होगा?
बहुत से यात्रियों को डर है कि एप बदलने से उनका पुराना अकाउंट या वॉलेट का पैसा फंस सकता है। रेलवे ने साफ किया है कि आपकी पुरानी IRCTC और UTS की आईडी इस नए RailOne एप पर भी काम करेगी, आपको नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं है। UTS के आर-वॉलेट (R-Wallet) में बचा हुआ बैलेंस भी सुरक्षित रहेगा और अपने आप नए एप में ट्रांसफर हो जाएगा। इतना ही नहीं, नए एप के वॉलेट को रिचार्ज करने पर यात्रियों को 3% का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।
तत्काल टिकट और नए नियम क्या हैं?
जुलाई 2025 से लागू हुए नियमों के मुताबिक, तत्काल टिकट की बुकिंग के लिए अब आधार वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। इसका मकसद दलालों को बल्क में टिकट बुक करने से रोकना है। रेलवे का दावा है कि RailOne का सर्वर पुराने सिस्टम से काफी बेहतर है और यह पीक समय में भी हैंग नहीं होगा। अनरिजर्व्ड टिकट यानी जनरल टिकट लेने पर भी डिजिटल पेमेंट करने वालों को किराए में 3% की छूट मिलेगी।






