बिहार के किशनगंज जिले की जूही दास ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में बड़ी सफलता हासिल की है। जूही ने देशभर में 649वां रैंक प्राप्त किया है। उनकी यह कामयाबी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उन्होंने बेहद कठिन समय में यह परीक्षा पास की। इंटरव्यू से ठीक पहले उनके पिता का साया सिर से उठ गया था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना लक्ष्य हासिल किया।
पिता के जाने के बाद भी नहीं हारी हिम्मत
जूही के लिए यह सफर आसान नहीं था। उनके पिता अनुज कुमार दास का निधन 13 फरवरी को हुआ था। घर में मातम का माहौल था, लेकिन जूही ने अपने हौसले को टूटने नहीं दिया। पिता के निधन के महज 11 दिन बाद, यानी 24 फरवरी को वह इंटरव्यू देने गईं। यह जूही का चौथा प्रयास था। इससे पहले वह दो बार इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन फाइनल लिस्ट में जगह नहीं बना पाई थीं। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और 6 मार्च 2026 को आए रिजल्ट में उनका चयन हो गया।
बिना कोचिंग के कैसे मिली सफलता
जूही ने अपनी तैयारी के लिए किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर सेल्फ स्टडी की और ऑनलाइन नोट्स की मदद ली। जूही का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी शानदार रहा है:
- स्कूल: बाल मंदिर स्कूल, किशनगंज (मैट्रिक) और विशाखापत्तनम से इंटरमीडिएट।
- ग्रेजुएशन: कोलकाता से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक।
- પ्रेरणा: उनकी मां अन्निका दास, जो खुद कभी UPSC की तैयारी करती थीं।
जूही को उनके रैंक के आधार पर IPS (भारतीय पुलिस सेवा) या IRS (भारतीय राजस्व सेवा) मिलने की संभावना है। उनकी इस सफलता से पूरे किशनगंज और बिहार में खुशी की लहर है।






