पटना मेट्रो प्रोजेक्ट में पटना जंक्शन पर बन रहा स्टेशन सबसे खास होने वाला है। यह इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा अंडरग्राउंड स्टेशन होगा जो कॉरिडोर 1 और कॉरिडोर 2 को आपस में जोड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार इस स्टेशन को ऐसे डिजाइन किया गया है कि यहाँ से हर रोज लगभग 66,000 यात्री सफर कर सकेंगे। इस स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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स्टेशन का डिजाइन और फ्लोर प्लान कैसा होगा?
यह स्टेशन जमीन के नीचे तीन अलग-अलग लेवल पर बनाया जा रहा है। इसमें यात्रियों को प्लेटफार्म तक पहुँचने के लिए गहराई में जाना होगा। स्टेशन को तीन सुरंगों (Tunnels) से जोड़ा जाएगा, जिसमें आकाशवाणी की तरफ जाने वाली सुरंग तैयार है और बाकी दो पर काम चल रहा है।
- पहला फ्लोर (Concourse): यहाँ यात्रियों के लिए टिकट काउंटर, सुरक्षा जांच और अन्य सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
- दूसरा फ्लोर: यह जमीन से करीब 11 से 12 मीटर नीचे होगा। यहाँ कॉरिडोर 2 यानी पटना जंक्शन से न्यू ISBT जाने वाली ट्रेन मिलेगी।
- तीसरा फ्लोर: यह सबसे गहरा तल होगा जो जमीन से 23 से 24 मीटर नीचे है। यहाँ दानापुर से खेमनीचक (कॉरिडोर 1) जाने वाली ट्रेन आएगी।
कब तक पूरा होगा काम और क्या होगा किराया?
फरवरी 2026 तक मिली जानकारी के मुताबिक खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन जल्द खुलने वाले हैं। पटना जंक्शन और राजेंद्र नगर को जोड़ने वाले अंडरग्राउंड हिस्से का स्ट्रक्चर काम 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। पूरे फेज 1 का संचालन 2027 से 2030 के बीच शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
किराये की बात करें तो अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दिल्ली मेट्रो मॉडल के आधार पर यह 10 रुपये से 60 रुपये के बीच हो सकता है। यात्रा के लिए QR कोड, मोबाइल और स्मार्ट कार्ड जैसी ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) तकनीक का इस्तेमाल होगा।






