बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो का निर्माण प्रक्रिया तेजी से बढ़ रहा है, और अब पटना मेट्रो का अंडरग्राउंड रास्ता अपने आकार में प्रतिष्ठित हो रहा है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत मोइनुल हक स्टेडियम से पटना विश्वविद्यालय तक दो सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है, जो एक की 1100 मीटर और दूसरे की 700 मीटर है।
इसमें एलिवेटेड सेक्शन और अंडरग्राउंड सेक्शन का संयोजन शामिल है, जिसमें सिविल, इलेक्ट्रिक, और मैकेनिकल कार्य पूरा होने के बाद मेट्रो ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस प्रक्रिया में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पहली बार मीडिया को अंडरग्राउंड सेक्शन के खुदाई कार्य के बारे में सूचित किया है, जिसमें डीएमआरसी के एडवाजर दलजीत सिंह और निदेशक कार्य अजय कुमार शामिल थे।
पटना मेट्रो का कॉरिडोर फरवरी 2027 तक हो सकता है चालू, लेकिन अब तक इसका लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि, खुदाई में दो महत्वपूर्ण टनल बोरिंग मशीनें ने कार्य पूरा किया है और इस परियोजना को अगले दो-तीन महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस प्रक्रिया में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सुरक्षा और सफाई के मानकों को बढ़ावा देते हुए जनता से भी सहयोग मांगा है। डीएमआरसी के सलाहकार दलजीत सिंह ने बताया कि निर्माण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने के लिए जनता से सहयोग मांगा जा रहा है और इस प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की गई है।
निर्माण के लिए चुने गए स्थान की मिट्टी की चिकनी होने के कारण कुछ अधिक समय लग रहा है, लेकिन इसका परिणामस्वरूप पटना मेट्रो के निर्माण का काम थोड़ा धीरे चल रहा है। इस प्रक्रिया में उच्च सुरक्षा मानकों की अपनी जवाबी भूमिका ने इसे एक जटिल परियोजना बना दिया है,






