पटना जिले के संपतचक ब्लॉक स्थित बरना गांव में एक ही जगह पर 100 से ज्यादा कौवे मृत पाए गए हैं। मंगलवार दोपहर को स्थानीय लोगों ने दर्जनों कौवों को तड़पते हुए देखा, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
जांच के लिए कोलकाता और भोपाल भेजे गए सैंपल
ब्लॉक पशुपालन अधिकारी सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मृत पक्षियों के सैंपल आरडीडीएल कोलकाता भेजे गए हैं। अगर वहां बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है, तो वायरस के सटीक स्ट्रेन की पहचान के लिए सैंपल भोपाल की नेशनल लैब में भेजे जाएंगे। प्रशासन ने प्रभावित इलाके को सैनिटाइज कर दिया है और मरे हुए पक्षियों को सुरक्षित तरीके से डिस्पोज किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी मृत पक्षी को हाथ न लगाएं और न ही उसके पास जाएं।
बिहार के 6 जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि
बिहार के कई हिस्सों में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। अब तक राज्य के 6 जिलों में H5N1 वायरस की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। इसकी गंभीरता को देखते हुए विभाग ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- प्रभावित जिले: पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा और पश्चिम चंपारण में वायरस मिला है।
- पोल्ट्री पर असर: पटना स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के फॉर्म में 6,000 से ज्यादा मुर्गियां मारी जा चुकी हैं।
- आवाजाही पर रोक: पटना नगर निगम क्षेत्र के अंदर और बाहर चिकन और अन्य पोल्ट्री उत्पादों के परिवहन पर फिलहाल प्रतिबंध है।
- निगरानी क्षेत्र: संक्रमण वाली जगह से 1 किलोमीटर के दायरे को इन्फेक्टेड जोन और 9 किलोमीटर के दायरे को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है।
आम जनता के लिए जरूरी सावधानी
| सावधानी का प्रकार | आधिकारिक निर्देश |
|---|---|
| खाना पकाने का नियम | चिकन और अंडे को कम से कम 70 डिग्री सेल्सियस पर पकाकर ही खाएं |
| रिपोर्टिंग | किसी भी पक्षी की संदिग्ध मौत होने पर कंट्रोल रूम नंबर 0612-2219199 पर बताएं |
| पोल्ट्री फार्मिंग | संक्रमित केंद्रों के आसपास 2 महीने तक पोल्ट्री फार्मिंग पर रोक रहेगी |
| अफवाहों से बचाव | प्रशासन ने लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है |






