पटना में सरस्वती पूजा के बाद अब मूर्ति विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। पटना पुलिस ने शांतिपूर्ण विसर्जन सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और उपद्रवियों पर खास नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और हॉस्टलों को नियमों का पालन करने का सख्त निर्देश दिया है।
विसर्जन जुलूस के लिए क्या हैं नए नियम?
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना लाइसेंस के किसी भी तरह का विसर्जन जुलूस नहीं निकाला जाएगा। हॉस्टल, लॉज और पूजा कमिटियों को विसर्जन से पहले लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, आयोजकों से पहले ही बॉन्ड भरवाया गया है ताकि किसी भी गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय की जा सके। जुलूस के साथ वॉलेंटियर्स का रहना भी जरूरी किया गया है।
डीजे और लाउडस्पीकर पर क्या रोक है?
विसर्जन के दौरान डीजे (DJ) बजाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने साफ कहा है कि तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी रात 9:30 से 10 बजे तक ही किया जा सकेगा, वो भी तय डेसिबल सीमा के अंदर। इसका उल्लंघन करने पर तुरंत उपकरण जब्त कर लिए जाएंगे।
सुरक्षा के लिए पुलिस ने क्या तैयारी की है?
सुरक्षा को देखते हुए पटना में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पीरबहोर और कदमकुआं जैसे संवेदनशील इलाकों में खास चौकसी बरती जा रही है। पुलिस ने निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया है।
| अधिकारी/संसाधन | विवरण |
|---|---|
| पटना डीएम | थियागराजन एसएम |
| पटना एसएसपी | कार्तिकेय के शर्मा |
| तैनाती | 66 मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी |
| निगरानी | CCTV, ड्रोन और वीडियोग्राफी |
विसर्जन कहाँ किया जाएगा?
मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाबों (Artificial Ponds) की व्यवस्था की गई है। बिहार मूर्ति विसर्जन नियमावली 2021 के तहत किसी भी प्राकृतिक नदी या गंगा में मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं है। पुलिस ने सभी को निर्धारित रूट का पालन करने का निर्देश दिया है और बिना अनुमति वाली नावों के परिचालन पर भी रोक लगाई गई है।






