अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। दिनांक 24 फरवरी 2026 को सुबह करीब 9:30 बजे पवन हंस (Pawan Hans) कंपनी के एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के कारण समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। यह हेलीकॉप्टर मायाबंदर (Mayabunder) के पास रनवे से महज 300 मीटर पहले पानी में उतारना पड़ा। अच्छी खबर यह है कि इसमें सवार सभी 7 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है।
हादसा कैसे हुआ और रेस्क्यू अपडेट
यह घटना उस समय हुई जब हेलीकॉप्टर श्री विजया पुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) से उड़ान भरकर मायाबंदर जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इसे ‘शॉर्ट लैंडिंग इंसीडेंट’ माना जा रहा है, जिसका मुख्य कारण तकनीकी खराबी बताया गया है। हेलीकॉप्टर में दो पायलट और पांच यात्री सवार थे। पायलट कैप्टन अनिल जानू और कैप्टन टीपीएस गुलिया ने सूझबूझ दिखाते हुए पानी में लैंडिंग की।
घटना की जानकारी मिलते ही मरीन पुलिस और सुरक्षा बलों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। डीजीपी हरगोबिंद सिंह धालीवाल ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। नागरिक उड्डयन विभाग ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ताकि असल कारण का पता चल सके। यह घटना झारखंड में हुए एयर एम्बुलेंस क्रैश के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
यात्रियों की स्थिति और पुराना बेड़ा
रेस्क्यू किए गए यात्रियों की पहचान रजिता देवी, शिशु कमल चंद्र दास, शिप्रा साहा और नम्बी अम्मा के रूप में हुई है। सभी को मायाबंदर के डॉ. आरपी अस्पताल (Dr. RP Hospital) में निगरानी के लिए रखा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
अंडमान में चल रहे पवन हंस के हेलीकॉप्टर ‘डॉफिन N3’ (Dauphin N3) तकनीक पर आधारित हैं, जो अब लगभग 20 साल पुरानी हो चुकी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पूरे बेड़े को आधुनिक सिकोरस्की (Sikorsky) हेलीकॉप्टरों से बदलने की योजना को मंजूरी दी है। नए हेलीकॉप्टर ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक तकनीक से लैस होंगे।
टिकट का दाम और बुकिंग के नियम
अंडमान प्रशासन पवन हंस के जरिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हेलीकॉप्टर सेवा देता है। इसमें स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए अलग-अलग दरें तय हैं।
- स्थानीय निवासी (Islanders): श्री विजया पुरम से मायाबंदर का किराया लगभग 3,375 रुपये है।
- पर्यटक (Tourists): पर्यटकों के लिए यह किराया बिना सब्सिडी के करीब 10,000 से 11,000 रुपये प्रति व्यक्ति होता है।
- सामान: अतिरिक्त सामान ले जाने पर 150 रुपये प्रति किलो का चार्ज लगता है।






