भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार Pawan Singh को रोहतास जिले की डेहरी सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार, 10 फरवरी 2025 को पवन सिंह कोर्ट में पेश हुए, जहां उन्होंने पुराने चुनावी मामले में आत्मसमर्पण किया। सुनवाई के बाद ACJM की अदालत ने उन्हें नियमित जमानत दे दी है। यह मामला पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान काराकाट सीट पर प्रचार से जुड़ा हुआ है।
क्यों दर्ज हुई थी पवन सिंह पर एफआईआर?
यह पूरा मामला मई 2024 का है जब Pawan Singh काराकाट लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने एक विशाल रोड शो निकाला था। आरोप है कि आदर्श आचार संहिता (MCC) के नियमों के मुताबिक रोड शो में गाड़ियों की संख्या सीमित (करीब 5) रखनी थी, लेकिन पवन सिंह के काफिले में 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं। इस नियम के उल्लंघन को लेकर रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला और बिक्रमगंज थाने में प्रशासन ने मामला दर्ज कराया था।
कोर्ट में पेशी और जमानत की शर्तें
सोमवार को जब Pawan Singh डेहरी कोर्ट पहुंचे, तो वहां उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोर्ट में उन्होंने सरेंडर किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें निजी मुचलके (Personal Bond) पर रिहा करने का आदेश दिया। अब उन्हें भविष्य में जब भी कोर्ट द्वारा बुलाया जाएगा, हाजिर होना होगा। कोर्ट से निकलने के बाद पवन सिंह ने कानून और न्यायपालिका का सम्मान करने की बात कही।






