Bihar Politics, Pashupati Paras Resign, Mahagathbandhan : बिहार के राजनीतिक मंच पर हलचल बढ़ती जा रही है जिसमें पशुपति पारस का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। पशुपति पारस के इस्तीफे के बाद अब माना जा रहा है कि वे महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं।
पिछले सोमवार को दिल्ली में राजग द्वारा बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों के बंटवारे की घोषणा के बाद पारस ने अपने सरकारी आवास पर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में राजग से नाता तोड़कर महागठबंधन में शामिल होने का फैसला लिया गया, जो कि आधिकारिक रूप से तय नहीं है।
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पशुपति पारस ने मीडिया को संदेश देते हुए कहा कि वह ईमानदारी से एनडीए की सेवा की हैं, लेकिन उन्हें पार्टी और व्यक्तिगत रूप से नाइंसाफी मिली है। इस वजह से उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।
इस घटना के बाद, राजनीतिक दलों के बीच बिहार में नए संभावनाओं की बातें हो रही हैं। चिराग पासवान की पार्टी लोजपा को एनडीए में पांच सीटें मिली हैं, जबकि पशुपति पारस की पार्टी को कोई सीट नहीं मिली।
इस नए संघर्ष में, पशुपति पारस के इस्तीफे का परिणाम बिहारी राजनीति में नई रूपरेखा बना सकता है। यह इस वक्त की सबसे चर्चित घटना बन सकती है जो आने वाले समय में और ज्यादा रूचि का केंद्र बना सकती है।






