बिहार के सुल्तानगंज में 126 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले महत्वाकांक्षी गंगा रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है। दिल्ली से वाइल्डलाइफ और पर्यावरण विभाग की एनओसी (NOC) मिलने के बाद यह ड्रीम प्रोजेक्ट 11 महीने बाद फिर से शुरू होने जा रहा है। सुल्तानगंज के विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने बताया कि विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य के कारण यह काम रुका हुआ था। अब केंद्र से क्लीयरेंस मिलने के बाद इसका काम तेज कर दिया जाएगा।
गंगा रिवर फ्रंट में क्या-क्या सुविधाएं बनेंगी
- करीब एक किलोमीटर लंबा पक्का घाट बनाया जाएगा।
- श्रद्धालुओं के बैठने के लिए 74 सीढ़ियों का निर्माण होगा।
- कृष्णगढ़ से अजगैबीनाथ मंदिर पुल तक 30 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी।
- यात्रियों के रुकने के लिए वेटिंग रूम और बारिश-धूप से बचने के लिए शेड बनेंगे।
- घाट पर एक भव्य शिव मंदिर और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था होगी।
श्रावणी मेला के श्रद्धालुओं को मिलेगा बड़ा फायदा
यह प्रोजेक्ट कांवर यात्रा और श्रावणी मेला में आने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। सुल्तानगंज से ही कावरिये गंगा जल भरकर देवघर के बैद्यनाथ धाम जाते हैं। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया है कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले बुनियादी सुविधाओं का काम पूरा कर लिया जाए ताकि श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो।
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 11 दिसंबर को हुई थी लेकिन तीन महीने काम चलने के बाद इसे रोकना पड़ा था। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मार्च 2026 से इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य पूरी रफ्तार से दोबारा शुरू किया जाएगा। इस रिवर फ्रंट के बन जाने से सुल्तानगंज में भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को साफ-सुथरा माहौल मिलेगा।






