सुल्तानगंज के बहुप्रतीक्षित रिवर फ्रंट निर्माण कार्य को फिर से चालू करवाने के लिए सुल्तानगंज विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलेंगे। करीब 126 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना पिछले 8 से 9 महीनों से पूरी तरह बंद पड़ी है। काम रुकने की वजह से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए विधायक अब सीधे सीएम से हस्तक्षेप की मांग करेंगे ताकि श्रावणी मेला से पहले काम पूरा हो सके।
एनओसी के पेंच में क्यों फंसा है काम?
इस प्रोजेक्ट के रुकने का मुख्य कारण केंद्र सरकार से मिलने वाला वाइल्डलाइफ क्लीयरेंस (NOC) है। जानकारी के मुताबिक बिहार सरकार ने अपनी तरफ से सारी प्रक्रिया पूरी करके 21 मार्च 2025 को ही फाइल पर्यावरण मंत्रालय को दिल्ली भेज दी थी, लेकिन वहां से अभी तक अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। विधायक ने बताया कि संवेदक ने बिना एनओसी लिए ही काम शुरू कर दिया था, जिसके कारण अब यह कानूनी पचड़े में फंस गया है। अब सीएम नीतीश कुमार से अनुरोध किया जाएगा कि वे केंद्र से बात करके इस फाइल को जल्द पास करवाएं।
प्रोजेक्ट में क्या बनना है और अभी क्या खतरा है?
यह प्रोजेक्ट सुल्तानगंज के पर्यटन और विकास के लिए बहुत अहम है, लेकिन अभी अधूरे काम की वजह से अजगैबीनाथ मंदिर के पास निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। इससे आए दिन श्रद्धालु गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने पिछले साल दिसंबर में निरीक्षण कर काम तेजी से करने को कहा था, लेकिन जमीनी स्तर पर काम बंद है।
प्रोजेक्ट से जुड़ी खास जानकारी:
- बजट: 126 करोड़ रुपये
- योजना: 1 किलोमीटर लंबा पक्का घाट और 74 सीढ़ियाँ
- सड़क: कृष्णागढ़ से मंदिर तक 30 मीटर चौड़ी रोड
- सुविधाएँ: चेंजिंग रूम, शौचालय और सजावटी लाइटें






