भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु की स्थिति वर्तमान में चिंताजनक बनी हुई है। पुल के पिलर नंबर 17, 18 और 19 की सुरक्षा दीवारें (Protection Walls) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नेशनल हाईवे विभाग की टीम ने 19 मार्च 2026 को मौके पर पहुंचकर इसकी गहन जांच की है। रिपोर्ट के मुताबिक एक दीवार पूरी तरह गिर चुकी है और दूसरी खतरनाक तरीके से लटक रही है जिससे मुख्य पिलरों को सीधा खतरा पैदा हो गया है।

पिलरों की सुरक्षा दीवारें टूटने से क्या नुकसान है?

सुरक्षा दीवारें मुख्य रूप से इसलिए बनाई जाती हैं ताकि गंगा की तेज लहरें और बहकर आने वाला मलबा सीधे पिलर से न टकराए। वर्तमान में लगभग 16 से 20 पिलरों की सुरक्षा दीवारों में दरारें या टूट-फूट देखी गई है। अगर समय रहते इन्हें ठीक नहीं किया गया तो मानसून के समय पानी का स्तर बढ़ने पर बड़े जहाज या भारी मलबा मुख्य पिलर से टकरा सकता है जिससे पुल की नींव कमजोर होने का डर बना रहता है।

जांच रिपोर्ट और नए पुल पर ताज़ा अपडेट

NH विभाग के अधिकारियों ने नाव से पिलरों का निरीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंप दी है। पिलरों की मरम्मत के लिए तत्काल कदम उठाने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए विक्रमशिला सेतु के पास एक नया फोरलेन पुल भी तैयार किया जा रहा है जिसका विवरण नीचे दिया गया है।

काम का विवरण मुख्य जानकारी
पुराना पुल मेंटेनेंस जून 2023 में 52 लाख रुपये का टेंडर हुआ
नया फोरलेन पुल L&T कंपनी द्वारा 838 करोड़ में निर्माण जारी
पिलर की गहराई गंगा के तल से लगभग 60 मीटर नीचे
नया पुल डेडलाइन 8 मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है

Puja Kanjani Covers Bhagalpur Local Updates and Bihar Level Important News. Ex Jagran Media and IndiaTV Journalist.

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