विक्रमशिला सेतु की सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही तमाम अटकलों पर प्रशासन ने विराम लगा दिया है। जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने पुल का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद इसे पूरी तरह सुरक्षित बताया है। हाल ही में एक पिलर की सुरक्षा दीवार गिरने का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई थी, जिसे लेकर अब आधिकारिक सफाई पेश की गई है। अधिकारियों के मुताबिक पुल के मुख्य ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा।
क्या सच में विक्रमशिला सेतु के पिलर को नुकसान हुआ है?
तकनीकी टीम और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों ने स्पष्ट किया है कि जिसे क्षति पहुंची है वह पुल का मुख्य पिलर नहीं बल्कि एक फॉल्स वॉल (अस्थायी दीवार) थी। वरीय परियोजना अभियंता ज्ञान चंद्र दास के अनुसार, यह अस्थायी संरचना निर्माण के दौरान पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई थी, जिसे बाद में हटाया जाना था। विशेषज्ञों ने साफ किया है कि एक प्रोटेक्शन वॉल का वजन लगभग 1000 किलोग्राम होता है और इसके गिरने से पुल की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ता है।
| प्रमुख विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| रोजाना वाहनों का दबाव | 25,000 से 40,000 वाहन |
| पुल का उद्घाटन | वर्ष 2001 |
| जीर्णोद्धार पर खर्च (2016-17) | 16 करोड़ रुपये |
| नए समानांतर पुल की लागत | 1110.23 करोड़ रुपये |
| दैनिक यात्री संख्या | 1 लाख से अधिक |
प्रशासन और विशेषज्ञों ने जांच के बाद क्या कहा?
डीएम भागलपुर ने बताया कि पुल की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए आईआईटी पटना के विशेषज्ञों और एनएच के कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रौशन की टीम लगाई गई है। बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी पुष्टि की है कि पुल का मूल ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और केवल प्रोटेक्शन वॉल को मामूली क्षति हुई है। एनएच के इंजीनियरों के मुताबिक, MoRTH के निर्देशों के तहत मरम्मत का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा ताकि भविष्य में किसी भी तरह के खतरे की आशंका को खत्म किया जा सके।
आम जनता और यात्रियों के लिए क्या है अपडेट?
- विक्रमशिला सेतु पर आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।
- पुल के समानांतर बन रहे नए चार-लेन पुल का काम जारी है जिससे भविष्य में पुराने पुल पर बोझ कम होगा।
- अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें।
- नियमित रखरखाव के लिए विशेषज्ञों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।






