बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में कुल 22 एजेंडों को मंजूरी मिली, जिनमें मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया और भागलपुर जिलों में मेट्रो सेवा शुरू करने के प्रस्ताव शामिल हैं। विशेष रूप से, मुजफ्फरपुर में मेट्रो सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई है।

पूर्व नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि जब वे नगर विकास मंत्री थे, तब ही उन्होंने मुजफ्फरपुर सहित अन्य स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में मेट्रो सेवा शुरू करने की मांग की थी।

मुजफ्फरपुर में मेट्रो सेवा:

 

हालांकि कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इस प्रस्ताव को जमीन पर उतरने में अभी काफी वक्त लगेगा। बिहार सरकार केंद्र सरकार को मेट्रो का प्रस्ताव भेजेगी। सुरेश शर्मा ने बताया कि प्रस्तावित मेट्रो रूट रामदयालु नगर से मेडिकल फोरलेन होते हुए सदादतपुर से कांटी के रास्ते मड़वन और मुशहरी को जोड़ सकता है। कागजी कार्रवाई पूरी होने में डेढ़ साल का समय लगेगा।

मेट्रो सेवा तैयार होने में कितना समय लगेगा:

 

सुरेश शर्मा के अनुसार, मेट्रो लाइन और अन्य सिस्टम तैयार करने में कम से कम पांच साल का समय लगेगा। अगर जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ी, तो यह समय साढ़े 6 से 7 साल हो सकता है। जमीन अधिग्रहण की स्थिति में यह समय 10 साल तक भी बढ़ सकता है। पटना मेट्रो का बजट लगभग 800 करोड़ रुपये है, और मुजफ्फरपुर मेट्रो का बजट भी इसी के आसपास रहेगा।

मुजफ्फरपुर में मेट्रो के फायदे:

 

मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। सुरेश शर्मा का कहना है कि आने वाले 10 सालों में ट्रैफिक का दबाव और बढ़ेगा, इसलिए मेट्रो सेवा की आवश्यकता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ग्रेटर मुजफ्फरपुर के हिसाब से मेट्रो रूट का निर्धारण होगा, जिसमें मड़वन, कांटी, मुशहरी और अन्य क्षेत्रों को शामिल किया गया है। यह निर्णय आने वाले वर्षों में मुजफ्फरपुर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

 

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