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इस लेख में ट्रेन सेवाओं में बदलाव और ट्रेन रद्द होने की जानकारी दी गई है, जो 2025 से 2026 के बीच धुंध के मौसम में लागू होगी।




कटिहार: पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने घोषणा की है कि कई ट्रेन सेवाएं 1 दिसंबर 2025 से 3 मार्च 2026 तक रद्द की जाएंगी या उनकी आवृत्ति कम की जाएगी। यह कदम धुंध के मौसम में सुरक्षित और सुचारु ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।


NFR के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय सुरक्षितता, समय पर चलने और संचालन की दक्षता बनाए रखने के लिए लिया गया है। उत्तर और पूर्व भारत में सर्दियों के महीनों में घनी धुंध के कारण दृष्टि की स्थिति खराब हो जाती है।


NFR के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा है कि कुछ ट्रेनों को रद्द किया जाएगा या उनकी संख्या कम की जाएगी ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कुछ ट्रेनें पूरी तरह से रद्द की जाएंगी, जबकि अन्य की आवृत्ति घटाई जाएगी।


जो ट्रेनें पूरी तरह रद्द की गई हैं, उनमें डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस और कामाख्या-गया एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा, कई प्रमुख ट्रेनों की आवृत्ति भी कम की गई है, जैसे कामाख्या-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस, जो कुछ दिनों में नहीं चलेगी।


यात्री सलाह दी गई है कि वे यात्रा करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करें। रद्दीकरण और संशोधित समय सारणी की जानकारी IRCTC वेबसाइट और राष्ट्रीय ट्रेन पूछताछ प्रणाली ऐप पर उपलब्ध है।





Summary:

  • कई ट्रेन सेवाएं 1 दिसंबर 2025 से 3 मार्च 2026 तक रद्द या कम होंगी।

  • यह कदम धुंध के मौसम में सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

  • पूरी तरह रद्द होने वाली ट्रेनों में डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस शामिल है।

  • यात्री अपनी ट्रेन की स्थिति की जांच करें।

  • समाचार IRCTC वेबसाइट और एनटीईएस ऐप पर उपलब्ध है।



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