क्या है इसमें:
यह लेख बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के करीब तेजस्वी यादव के बयान और उनकी राजनीतिक रणनीतियों के बारे में है।
पटना में तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के लिए एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) चुनाव जीतने के लिए हर संभव तरीका अपना रहा है, जिसमें चुनाव आयोग और केंद्रीय पुलिस बलों की मदद भी शामिल है। उन्हें विश्वास है कि महागठबंधन सरकार बनाएगा और उन्होंने कहा, “हम 18 नवंबर को शपथ लेंगे।”
तेजस्वी यादव ने NDA पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सभी सीमाएँ तोड़ दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वे आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के साथ मंच साझा कर रहे हैं और बिहार के विकास के लिए कोई ठोस योजना पेश नहीं की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री की बातों से बिहार की बदनामी हो रही है।
तेजस्वी ने सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी गंभीर बातें की। उन्होंने कहा कि बीजेपी-शासित राज्यों से लाए गए केंद्रीय पुलिसकर्मी चुनाव को प्रभावित करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं ताकि वोट NDA के पक्ष में पड़ें।
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि NDA ने वोट खरीदने के लिए 30,000 करोड़ रुपये बांटे हैं, खासकर महिलाओं को 10,000 रुपये देकर। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जब सरकार बनाएगी, तो महिलाओं के बैंक खातों में 30,000 रुपये जमा करेगी। इसके अलावा, उन्होंने अपराध, भ्रष्टाचार और साम्प्रदायिकता के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति की बात की।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में RJD के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे, जिन्होंने तेजस्वी के विचारों का समर्थन किया। तेजस्वी का 18 नवंबर को शपथ लेने का ऐलान बिहार में राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है। महागठबंधन के समर्थक चुनाव में बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
सारांश:
- तेजस्वी यादव ने NDA पर चुनाव में धांधली के आरोप लगाए।
- उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की भाषणों पर सवाल उठाए।
- तेजस्वी ने महिला मतदाताओं को पैसे बांटने का आरोप लगाया।
- महागठबंधन ने 18 नवंबर को शपथ लेने का ऐलान किया।
- RJD के वरिष्ठ नेताओं ने तेजस्वी का समर्थन किया।






