क्या है इस खबर में:

बिहार विधानसभा चुनाव में नालंदा जिले के एक गांव ने बिना वोट डाले चुनाव का बहिष्कार किया है। यह स्थानीय समस्याओं के विरोध में किया गया है।




नालंदा के एक गांव ने बिहारी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बिना कोई वोट डाले चुनाव का बहिष्कार किया। यह घटना उस समय हुई जब गांव के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 20 पर अंडरपास नहीं बनने के विरोध में यह कदम उठाया।


गांव का नाम है दीहरी, जो हरनौत ब्लॉक के अंतर्गत आता है। यहां 5 बजे तक मतदान केंद्र संख्या 280 पर एक भी वोट नहीं पड़ा। यह गांव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह ब्लॉक में आता है, जिससे इस विरोध का राजनीतिक महत्व भी बढ़ गया है।


मुसहरी गांव के निवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार अंडरपास बनाने की मांग की है, ताकि वे चौड़ी चार-लेन वाली सड़क को पार कर सकें। इसके बिना उन्हें दूसरी ओर पहुंचने के लिए 3 से 4 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में मुश्किलें बढ़ाता है।


गांव में 715 पंजीकृत मतदाता हैं, लेकिन फिर भी कोई भी वोट डालने नहीं आया। सुपर जोनल मजिस्ट्रेट रंजीत कुमार ने गांव का दौरा किया और बताया कि उन्होंने निवासियों से बात की, लेकिन वे अपने बहिष्कार को वापस लेने को तैयार नहीं हुए।


इस घटना के बाद प्रशासन ने गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा, लेकिन गांववाले अपनी स्थिति पर अड़े रहे। यह मामला अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।





सारांश:

  • नालंदा के दीहरी गांव ने चुनाव का बहिष्कार किया।

  • गांववासियों ने अंडरपास की मांग की थी।

  • कोई भी मतदाता वोट डालने नहीं आया।

  • प्रशासन ने निवासियों से बात की, लेकिन बहिष्कार जारी रहा।

  • यह मामला प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है।



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