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यह लेख पटना के स्मार्ट बस स्टॉप्स के बारे में है, जो करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी बेकार हो गए हैं।




पटना के स्मार्ट बस स्टॉप्स, जिनका निर्माण करोड़ों रुपये में हुआ था, अब कचरे के ढेर और दुकानों में बदल गए हैं। यह बस स्टॉप्स शहर के सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए बनाए गए थे।


हालांकि, अब ये स्टॉप्स अव्यवस्थित हो गए हैं और लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रहे हैं। यहाँ पर गंदगी फैली हुई है, और कई जगहों पर अतिक्रमण हो चुका है।


इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। लोग अक्सर इन स्टॉप्स पर खड़े होकर बस का इंतज़ार करते हैं, लेकिन कई बार बसें नहीं आती हैं। यह स्थिति यात्रियों के लिए बेहद निराशाजनक है।


मौजूदा समय में, इन बस स्टॉप्स की सफाई और रखरखाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। यह स्थिति शहर के विकास को प्रभावित कर रही है।


अधिकारियों को इस समस्या का समाधान करने के लिए अब तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है। वरना, ये बस स्टॉप्स और भी अधिक बदहाल होते जाएंगे।





Summary:

  • पटना के स्मार्ट बस स्टॉप्स बेकार हो गए हैं।

  • इनका निर्माण करोड़ों रुपये में हुआ था।

  • यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

  • गंदगी और अतिक्रमण की समस्या है।

  • समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।



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