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यह लेख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ एक अदालत के समन के बारे में है, जो IRCTC होटल घोटाले से संबंधित है। यह बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
पटना में, एक दिल्ली की अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव को IRCTC होटल घोटाले के सिलसिले में समन किया है। यह घटनाक्रम 2025 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकता है।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने यादव परिवार और अन्य आरोपियों को 13 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया है। उस दिन यह तय होगा कि आरोप औपचारिक रूप से लगाए जाएंगे या नहीं।
यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान का है, जब उन्होंने भारतीय रेलवे कैटरिंग और टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के दो होटलों के रखरखाव के लिए अनुबंध दिए थे। आरोप है कि इसके बदले में यादव परिवार को तीन एकड़ की कीमती जमीन दी गई थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जुलाई 2017 में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी और राबड़ी देवी से पूछताछ की थी। 2018 में आरोप पत्र दाखिल किया गया, जिसमें लालू, राबड़ी और तेजस्वी का नाम शामिल था। सभी को बाद में जमानत मिल गई थी।
कोर्ट ने इस साल मई में आरोपों पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था, और अब 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई तय की है। इससे बिहार में चुनावों के नजदीक एक महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई की स्थिति बन सकती है।
Summary:
- दिल्ली की अदालत ने लालू यादव और उनके परिवार को समन किया।
- कोर्ट ने 13 अक्टूबर को पेश होने का आदेश दिया।
- यह मामला 2004-2009 के दौरान का है जब लालू रेल मंत्री थे।
- CBI ने 2017 में जांच शुरू की थी।
- अगली सुनवाई चुनावों से पहले महत्वपूर्ण हो सकती है।






