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बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों के लिए आईआईटी पटना में एक दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ाना है।




पटना में, एक दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ है जो बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने पर केंद्रित है। यह कार्यक्रम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना में आयोजित किया जा रहा है।


इस कार्यक्रम का नाम है “इन्फ्रा इम्पैक्ट: पुल और सड़क डिज़ाइन, निरीक्षण, मॉनिटरिंग, प्रदर्शन मूल्यांकन और क्षमता निर्माण पर एकीकृत प्रशिक्षण।” इसमें 60 सहायक इंजीनियर भाग ले रहे हैं, और कुल मिलाकर करीब 500 इंजीनियरों को प्रशिक्षण देने की योजना है।


प्रशिक्षण में पुल जलविज्ञान, नींव इंजीनियरिंग, संरचनात्मक मॉडलिंग, स्थिति मूल्यांकन और आधुनिक रखरखाव तकनीकों जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाएगा। यह कार्यक्रम 20 से 29 नवंबर तक चलेगा।


कार्यक्रम का उद्घाटन एक दीप जलाने के समारोह से हुआ, जिसमें कई प्रमुख लोग शामिल हुए। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की, और सभी ने ग्रामीण आधारभूत ढांचे की गुणवत्ता और सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।


इस कार्यक्रम के दौरान, प्रतिभागियों को व्याख्यान, प्रयोगशाला प्रदर्शन और व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से ज्ञान और कौशल प्रदान किया जाएगा। यह इंजीनियरों को अपने काम में सुधार लाने के लिए तैयार करेगा।





Summary:

  • बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ।

  • कार्यक्रम में तकनीकी कौशल को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

  • प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों पर ध्यान दिया जाएगा।

  • यह कार्यक्रम 20 से 29 नवंबर तक चलेगा।

  • प्रतिभागियों को व्यावहारिक ज्ञान और कौशल दिया जाएगा।



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