क्या है:

इस लेख में AIIMS पटना में “बुनियादी घुटने की आर्थ्रोस्कोपी” पर एक चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें पोस्टग्रेजुएट छात्रों और सीनियर निवासियों को प्रशिक्षित किया गया है।




पटना में AIIMS के ऑर्थोपेडिक्स विभाग ने शनिवार को “बुनियादी घुटने की आर्थ्रोस्कोपी” पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पोस्टग्रेजुएट छात्रों और सीनियर निवासियों की तकनीकी जानकारी और कौशल को बढ़ाना था।


इस कार्यक्रम में IGIMS, PMCH, रुबन मेमोरियल हॉस्पिटल और अनुप इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स जैसे प्रमुख संस्थानों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। पूरे दिन चले इस कार्यक्रम में व्याख्यान, वीडियो प्रदर्शनी और व्यावहारिक सत्र शामिल थे, जिससे आर्थ्रोस्कोपिक उपकरणों और सर्जिकल तकनीकों का गहराई से ज्ञान प्राप्त हुआ।


प्रतिभागियों ने इंटरएक्टिव सत्रों में उत्साह से भाग लिया और थ्योरी और प्रैक्टिकल का अच्छा मिश्रण बताया। इस कोर्स ने आर्थ्रोस्कोपिक प्रक्रियाओं की बुनियादी समझ को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया, जो भविष्य के ऑर्थोपेडिक सर्जनों के लिए एक महत्वपूर्ण कौशल है।


AIIMS पटना के अधिकारियों ने बताया कि संस्थान नियमित रूप से घुटने और कंधे की आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी करता है और ऐसे शैक्षणिक पहलों के माध्यम से अपनी विशेषज्ञता फैलाने का प्रयास कर रहा है।


प्रोफेसर सुदीप कुमार ने कहा कि इस CME का लक्ष्य अगली पीढ़ी के सर्जनों को प्रशिक्षित करना है, जो न्यूनतम इनवेसिव जॉइंट सर्जरी की बढ़ती मांग को पूरा करेंगे।





सारांश:

  • AIIMS पटना ने CME कार्यक्रम आयोजित किया।

  • इसमें घुटने की आर्थ्रोस्कोपी पर ध्यान दिया गया।

  • प्रतिभागियों ने व्याख्यान और प्रैक्टिकल सत्रों में भाग लिया।

  • प्रशिक्षण का उद्देश्य नए सर्जनों को तैयार करना है।

  • संस्थान नियमित रूप से आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी करता है।



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