क्या है इस लेख में:
पटना मेट्रो सेवा की शुरुआत और इसकी लोकप्रियता के बारे में जानकारी।
पटना में पहली मेट्रो सेवा ने शहर में हलचल मचा दी है। इसका उद्घाटन हुए सिर्फ 18 दिन हुए हैं, और इसमें 68,554 यात्री सफर कर चुके हैं। यह मेट्रो बायिरिया बस स्टैंड से भूतनाथ तक 4.3 किलोमीटर के रास्ते पर चलती है।
अब यह मेट्रो न केवल यात्रियों के लिए, बल्कि सेल्फी खींचने वालों और परिवारों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गई है। सबसे ज्यादा यात्री 12 अक्टूबर को 10,778 रहे, जबकि दीवाली पर 20 अक्टूबर को केवल 1,375 यात्रियों ने सफर किया। आमतौर पर, सुबह और शाम के व्यस्त समय में 285 लोग एक यात्रा में सफर करते हैं।
इस मेट्रो में तीन कोच हैं, जिन पर मधुबनी चित्रकारी और बिहार के प्रसिद्ध स्थलों के चित्र हैं। कोच के अंदर का रंग संतरी है, जो बिहार की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। प्रत्येक कोच में 360-डिग्री सीसीटीवी कैमरे, आपातकालीन बटन और ड्राइवर व कंट्रोल रूम से सीधे बातचीत करने के लिए माइक्रोफोन सिस्टम है।
सुरक्षा के लिए डबल-लेयर स्क्रीनिंग प्रणाली लागू की गई है, जैसे दिल्ली मेट्रो में है। मेट्रो में बैठने के लिए 138 और खड़े होने के लिए 945 यात्रियों की क्षमता है, और इसकी अधिकतम गति 40 किमी/घंटा है।
पटना मेट्रो अब वीकेंड पर परिवारों के लिए एक नया हॉटस्पॉट बन गई है। लोग छोटी-छोटी राइड्स ले रहे हैं, फोटो खींच रहे हैं और सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं। यह शहर के शहरी परिवर्तन का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सारांश:
- पटना में पहली मेट्रो सेवा शुरू हो गई है।
- मेट्रो ने 18 दिनों में 68,554 यात्रियों का सफर किया।
- सुरक्षा के लिए डबल-लेयर स्क्रीनिंग प्रणाली लागू की गई है।
- मेट्रो में 138 बैठने और 945 खड़े होने की क्षमता है।
- यह मेट्रो वीकेंड पर परिवारों के लिए मनोरंजन का नया स्थान बन गई है।






