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यह लेख दुलारचंद यादव के हत्या मामले में सीआईडी द्वारा की गई कार्रवाई और पुलिस की जांच के बारे में जानकारी देता है।
पटना में दुलारचंद यादव की हत्या का मामला अब अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के पास चला गया है। यह घटना 30 अक्टूबर को मोकामा में हुई थी। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की पुष्टि की और बताया कि पूर्व मोकामा विधायक अनंत सिंह को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
सीआईडी के उप निरीक्षक जनरल (डीआईजी) जयंत कांत ने शनिवार को मोकामा में हत्या स्थल का दौरा किया। सीआईडी ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम की मदद से घटनास्थल की जांच की और वहां से सबूत इकट्ठा किए।
जांच से मिली जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण सबूत पाए हैं, जिनमें रेलवे ट्रैक पर इस्तेमाल होने वाले पत्थर शामिल हैं, जो इस क्षेत्र में स्वाभाविक रूप से नहीं मिलते। जांचकर्ताओं ने घटनास्थल से क्षतिग्रस्त वाहनों की भी जांच की और फोरेंसिक नमूने एकत्र किए हैं, जिससे यदाव की मौत के पीछे साजिश का संकेत मिलता है।
डॉक्टर्स की एक पैनल ने दो घंटे तक पोस्ट-मॉर्टम किया। प्रारंभिक रिपोर्ट के विपरीत, एसएसपी शर्मा ने बताया कि यादव की मौत गोली लगने से नहीं हुई, बल्कि एक वाहन के चेस्ट पर चढ़ने से हुई थी। यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मामले की जांच में नया मोड़ लाती है।
अनंत सिंह को शनिवार रात को बारह के कर्गिल मार्केट से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पहले से ही अनुमान लगाया था कि वह आत्मसमर्पण कर सकते हैं, इसलिए पटना एसएसपी की अगुवाई में एक टीम ने सक्रियता से कार्रवाई की। सिंह को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जिससे मोकामा में राजनीतिक स्थिति पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
Summary:
- दुलारचंद यादव की हत्या का मामला सीआईडी के पास गया।
- अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
- घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं।
- पोस्ट-मॉर्टम से पता चला कि मौत वाहन द्वारा कुचले जाने से हुई।
- अनंत सिंह को आज अदालत में पेश किया जाएगा।






