What’s inside:
This article talks about Sanjay Paswan’s historic win in the Bihar Assembly elections and his new role as a minister.
बिहार विधानसभा चुनाव में संजय पासवान ने बखरी (आरक्षित) सीट पर जीत हासिल करके एक नया इतिहास बनाया है। यह उनकी पहली बार विधायक बनने की यात्रा है और अब वह मंत्री भी बन गए हैं। बखरी और बेगूसराय के लोगों में खुशी और गर्व का माहौल है।
संजय पासवान का जन्म 1974 में बेगूसराय के पोखरिया में हुआ था। वह एक साधारण और गरीब परिवार में बड़े हुए और अपने शुरुआती जीवन में कई संघर्षों का सामना किया। उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के बाद राजनीति में आने का फैसला किया ताकि वह सामाजिक बदलाव के लिए काम कर सकें।
उनकी राजनीतिक यात्रा 2015 में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) से शुरू हुई। पासवान ने पार्टी में काम करते हुए अपने समर्पण और मेहनत से काफी जल्दी ऊंचाइयों को छुआ। पार्टी में रामविलास पासवान के निधन के बाद भी उन्होंने चिराग पासवान का समर्थन किया और अपनी वफादारी नहीं छोड़ी।
उनकी वफादारी और काम के चलते पार्टी ने उन्हें बखरी का टिकट दिया। जबकि कुछ स्थानीय नेताओं ने इसका विरोध किया, लेकिन वोटरों ने पासवान का पूरा समर्थन किया और उन्हें विधायक चुना। अब उनकी मेहनत का फल मिला है, और उन्हें नई सरकार में मंत्री बनाया गया है।
अब मंत्री के रूप में संजय पासवान के सामने अपनी वादों को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है। बखरी के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि “डबल इंजन सरकार” के तहत वह विकास परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ाएंगे। प्राथमिकताएं स्वास्थ्य सेवाओं, स्कूल और कॉलेज की सुविधाओं, और क्षेत्र में फैक्ट्रियों की स्थापना पर होंगी।
Summary:
- संजय पासवान ने बखरी सीट पर जीत दर्ज की है।
- वह पहली बार विधायक बने हैं और अब मंत्री भी हैं।
- लोगों को उम्मीद है कि वह विकास कार्य तेजी से करेंगे।
- स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा में सुधार उनकी प्राथमिकता होगी।
- फैक्ट्रियों की स्थापना से क्षेत्र में रोजगार बढ़ेगा।






