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बिहार में छह गरीब लड़कियों ने भारी वाहन चलाने की ट्रेनिंग पूरी की है और वे जल्द ही बस चालक बन सकती हैं।
पटना में एक दिलचस्प कहानी सामने आई है, जहां छह युवा महिलाएं जो गरीब परिवारों से हैं, वे भारी वाहन चलाने की ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं। ये लड़कियां नारी गुंजन के प्रेरणा हॉस्टल में रहती हैं और अब उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी है। जल्द ही, वे राज्य की पिंक बस सेवा में ड्राइवर के तौर पर दिखाई दे सकती हैं।
यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। यह यात्रा दो साल पहले शुरू हुई, जब नारी गुंजन ने इन लड़कियों को पेशेवर ड्राइवर बनाने का फैसला किया। मारुति और परिवहन विभाग के सहयोग से, इन लड़कियों को औरंगाबाद भेजा गया, जहां उन्हें एक महीने की भारी मोटर वाहन ट्रेनिंग दी गई। इस ट्रेनिंग में ड्राइविंग के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और वाहन देखभाल के बारे में भी सिखाया गया।
इन लड़कियों ने ट्रेनिंग के बाद खुशी और आत्मविश्वास के साथ लौटकर अपनी उपलब्धि का जश्न मनाया। सामाजिक कल्याण विभाग की सचिव वंदना प्रेयसी ने प्रेण हॉस्टल का दौरा किया और लड़कियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इनकी मेहनत और नारी गुंजन के प्रयासों ने आखिरकार फल दिया है।
इन छह लड़कियों की अपनी-अपनी प्रेरणादायक कहानियाँ हैं। रागिनी कुमारी ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, लेकिन हॉस्टल की मदद से वे पढ़ाई कर पाईं और अब ड्राइवर बन गई हैं। सभी लड़कियों ने बताया कि इस ट्रेनिंग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मौका दिया है।
यदि ये लड़कियां पिंक बस की ड्राइवर के रूप में नियुक्त होती हैं, तो यह न केवल उनके लिए रोजगार का अवसर होगा, बल्कि समाज में एक सकारात्मक संदेश भी भेजेगा। इनकी हिम्मत और सफलता अन्य लड़कियों को भी अपने सपने पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी।
Summary:
- छह गरीब लड़कियों ने भारी वाहन चलाने की ट्रेनिंग पूरी की है।
- वे जल्द ही पिंक बस सेवा में ड्राइवर बन सकती हैं।
- यह ट्रेनिंग नारी गुंजन द्वारा करवाई गई थी।
- इनकी सफलता से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
- ये लड़कियां अन्य लड़कियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।






